Rajasthan: शिक्षक आंदोलन के बाद बड़ा एक्शन, मदन दिलावर के खिलाफ मार्च निकालने वालों पर FIR दर्ज

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कोटा। शिक्षकों के आंदोलन के बाद प्रदेश में नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्रीष्मावकाश में कटौती के विरोध में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र में निकाले गए विरोध मार्च के बाद कई शिक्षक नेताओं और पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने प्रदर्शन और रैली निकालने पर शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने का विरोध किया है। साथ ही इस कार्रवाई से शिक्षकों में भी आक्रोश व्याप्त है।

संगठन ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर आरोप लगाया है कि ग्रीष्मावकाश में कटौती और अन्य मांगों को लेकर निकाली गई रैली से नाराज होने पर उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के अध्यक्ष सियाराम ने बताया कि शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित रैली में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए थे। संगठन के अनुसार कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से पुलिस प्रशासन की मौजूदगी और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

संघ का कहना है कि रैली के बाद भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता के माध्यम से रामगंजमंडी थाने में संगठन के मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीणा, कोषाध्यक्ष हेमंत कुमार जांगिड़ सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।

अधिवेशन में प्रस्ताव पारित, विरोध तेज करने का ऐलान:-

इधर, कोटा में आयोजित 58वें प्रांतीय महासमिति के दो दिवसीय अधिवेशन में आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों के विरोध सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए। अधिवेशन में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

बैठक में शिक्षक हितों की रक्षा, सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।

यह है पूरा मामला:-

राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के आह्वान पर 18 मई को प्रदेशभर से शिक्षक शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी पहुंचे थे। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की ओर से जारी सत्र 2026-27 के शिविरा पंचांग में विद्यालयी अवकाशों में कटौती का विरोध करते हुए रैली निकाली और नाराजगी जताई। इस दौरान नारेबाजी भी की गई।

शिक्षकों की प्रमुख मांगें:-

  • शिक्षा विभाग के अव्यावहारिक आदेश वापस लिए जाएं।
  • ग्रीष्मावकाश के दौरान विद्यालय भवनों की सार्वजनिक निर्माण विभाग से जांच कराई जाए।
  • सातवें वेतनमान में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाए।
  • तृतीय श्रेणी अध्यापकों का ग्रेड पे 4200 और वरिष्ठ अध्यापकों का 4800 रुपये किया जाए।
  • शिक्षकों के लिए पारदर्शी और स्थायी स्थानांतरण नीति लागू की जाए।
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
  • एनपीएस में जमा राशि को जीपीएफ खातों में स्थानांतरित किया जाए।