‘यूरोप की कायरता से हैरान हूं, वेनेजुएला के बाद अगला नंबर उसका है, फिर भी…’, इस देश ने भी ट्रंप को सुनाया
‘यूरोप की कायरता से हैरान हूं, वेनेजुएला के बाद अगला नंबर उसका है, फिर भी…’, इस देश ने भी ट्रंप को सुनाया
चिली के पूर्व नेशनल एसेट्स मंत्री और भारत में चिली के पूर्व राजदूत जॉर्ज हेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर यूरोपीय देशों की चुप्पी और हिचक पर गहरी नाराजगी जताई है।
हेन ने कहा कि अमेरिका ने इससे पहले भी लैटिन अमेरिका में कई बार हस्तक्षेप किया है, लेकिन इस बार की कार्रवाई बेहद अलग और चिंताजनक है। उनके मुताबिक यह पहला मौका है जब साउथ अमेरिका के मुख्य भूभाग पर अमेरिकी सेना ने सीधा सैन्य हमला किया है।
अब हद पार हो चुकी है – जॉर्ज हेन
पूर्व राजदूत ने कहा कि अब तक मेक्सिको, सेंट्रल अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र में ऐसे हमले देखने को मिलते रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि आखिरी बड़ा हमला 1989 में पनामा पर हुआ था। अब वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर हमला, बमबारी और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी को कथित रूप से हिरासत में लेना एक बेहद खतरनाक संकेत है।
हेन ने चेतावनी दी कि अब हालात उस मोड़ पर पहुंच गए हैं, जहां आगे क्या होगा, यह कोई नहीं जानता। अगर इस सैन्य कार्रवाई को एक उदाहरण मान लिया गया, तो भविष्य को लेकर गंभीर अनिश्चितता पैदा हो जाएगी।
यूरोप की कायरता से हैरान हूं- हेन
जॉर्ज हेन ने यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वे यूरोप की इस चुप्पी और नरमी से खास तौर पर हैरान हैं। हेन ने चेताया कि जब अगला संभावित निशाना ग्रीनलैंड बताया जा रहा है, तब भी यूरोप ने वेनेजुएला पर हमले को बेहद शांत तरीके से लिया, जबकि उन्हें समझना चाहिए कि अगला नंबर उनका भी हो सकता है।
भारत से निंदा की उम्मीद:-
पूर्व राजदूत ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमले की सार्वजनिक रूप से निंदा करेगा।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन:-
हेन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी देश को दूसरे देश के खिलाफ बल प्रयोग की अनुमति नहीं है, सिवाय आत्मरक्षा की स्थिति में। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वेनेजुएला ने अमेरिका पर कोई हमला नहीं किया, इसलिए यह सैन्य कार्रवाई पूरी तरह गलत है।
ड्रग तस्करी का आरोप बताया झूठा:-
अमेरिका द्वारा ड्रग तस्करी को हमले का कारण बताने पर भी हेन ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला न तो बड़ा ड्रग उत्पादक है और न ही फेंटानिल का निर्यातक। कैरिबियन क्षेत्र में फेंटानिल ले जाती किसी भी नाव को पकड़े जाने का कोई प्रमाण नहीं है। उनके मुताबिक यह दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है।