बीकानेर: महिला का हत्यारोपी कोटा से पकड़ा, बेटे ने जताया था शक

बीकानेर: महिला का हत्यारोपी कोटा से पकड़ा, बेटे ने जताया था शक
बीकानेर। श्रीडूंगरगढ़ में महिला की हत्या कर शव को वन विभाग की जमीन पर फेंकने के मामले में पुलिस ने उसके साथ लिव इन में रहने वाले फूलचंद को कोटा से पकड़कर हिरासत में लिया है। महिला के बेटे ने फूलचंद पर हत्या का शक जताया था। झालावाड़ निवासी बाली बाई और फूलचंद भील लिव इन में श्रीडूंगरगढ़ की प्रताप बस्ती में रहते थे। दोनों शराब पीकर झगड़ते थे। मंगलवार को सुबह बाली बाई की शव बीदासर रोड से 50 मीटर दूर वन विभाग की जमीन पर अर्धनग्न हालत में पड़ा मिला। उसके गले और चेहरे पर चोट के निशान थे। लिव इन में रहने वाला फूलचंद फरार था और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला। वह बीकानेर से सरदारशहर गया और वहां से बस में बैठकर अपने गांव झालावाड़ में असलपुरा जा रहा था। देवली में मोबाइल ऑन किया तो उसकी लोकेशन का पता चला।
बीकानेर पुलिस ने कोटा पुलिस से संपर्क किया। बस कोटा पहुंची तो वहां की पुलिस ने फूलचंद को दबोच लिया। बीकानेर पुलिस उसे कोटा से लेकर आई है और हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि फूलचंद ने ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। लेकिन, हत्या कैसे और कब की, इसका खुलासा नहीं किया है। बाली बाई के पुत्र की रिपोर्ट पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में फूलचंद पर हत्या का शक जताया गया है।
बाली बाई और फूलचंद दोनों शादीशुदा थे। बाली बाई की शादी झालावाड़ में उमरिया गांव निवासी बालचंद भील के साथ हुई और उसके चार बच्चे हैं। असलपुरा निवासी फूलचंद भी शादीशुदा है। दोनों चार-पांच साल पहले श्रीडूंगरगढ़ आ गए और लिव इन में रहने लगे थे। करीब डेढ़ माह पूर्व बाली बाई अपने बेटे विक्रम को भी मजदूरी दिलाने के नाम पर श्रीडूंगरगढ़ ले आई थी।