PM Modi ने क्यों की 1 साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील? जानिए क्या है वजह

भारत में शादी-ब्याह और सोने का रिश्ता बेहद गहरा रहा है। ऐसे में घर में शादी हो और गोल्ड न खरीदा जाए, ऐसा कम ही देखने को मिलता है। लेकिन इस बार Narendra Modi ने लोगों से अपील की है कि वे एक साल तक, यहां तक कि शादी के लिए भी, सोने की खरीदारी टालें। यह अपील सीधे तौर पर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़ी मानी जा रही है।
रुपये और आयात बिल पर बढ़ता दबाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। हाल के दिनों में तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर से ऊपर पहुंच गई है। इससे भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ रहा है और रुपये पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है।
सोना और तेल—दोनों बढ़ा रहे चिंता
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल और सोना आयात करता है। इन दोनों के लिए भुगतान डॉलर में करना पड़ता है। जब तेल महंगा होता है और साथ ही सोने की मांग भी बढ़ती है, तो डॉलर की मांग बढ़ जाती है। इसका सीधा असर रुपये की कमजोरी के रूप में सामने आता है।
भारत में सोने की खपत का आंकड़ा
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का 90% से ज्यादा सोना आयात करता है। देश में हर साल करीब 800 टन सोने की खपत होती है। वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 58 अरब डॉलर से करीब 24% ज्यादा है। कुल आयात बिल में सोने की हिस्सेदारी करीब 9% है, जो कच्चे तेल के बाद दूसरे नंबर पर है।
विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट
देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी हाल के समय में घटा है। मई के पहले सप्ताह में यह घटकर लगभग 690 अरब डॉलर रह गया। अगर यह भंडार कम होगा तो रुपये की गिरावट को रोकने और कच्चे तेल समेत दूसरी कई जरूरी चीजों को खरीदने के लिए पैसा नहीं बचेगा।।
क्यों जरूरी है सोने की खरीद कम करना
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल रोजमर्रा की जरूरत है, जबकि सोना निवेश का साधन है। ऐसे में संकट के समय सोने की ज्यादा खरीद से डॉलर बाहर जाता है, जिससे चालू खाता घाटा बढ़ता है और रुपया कमजोर होता है।
रुपये पर दबाव और बढ़ती महंगाई
तेल की कीमतों में उछाल और सोने के बढ़ते आयात से रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होने पर आयातित सामान—जैसे तेल, सोना और अन्य वस्तुएं—और महंगी हो जाती हैं, जिससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ता है।
पीएम मोदी की अपील का संदेश
प्रधानमंत्री ने सिर्फ सोना न खरीदने की ही नहीं, बल्कि ईंधन बचाने, गैरजरूरी यात्रा कम करने और जहां संभव हो वर्क फ्रॉम होम अपनाने की भी सलाह दी है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार आने वाले समय को चुनौतीपूर्ण मान रही है और लोगों को अभी से बचत के लिए तैयार रहने को कह रही है।