चांदी के दाम चढ़े तो मुस्कुराना भी हुआ महंगा, जानिए कैसे ‘डेंटल फिलिंग’ हुई महंगी

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चांदी के दाम चढ़े तो मुस्कुराना भी हुआ महंगा, जानिए कैसे ‘डेंटल फिलिंग’ हुई महंगी

बीकानेर। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में आई तेजी का असर अब सिर्फ आभूषण कारोबार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव दंत चिकित्सा सेवाओं पर भी साफ नजर आने लगा है। चांदी महंगी होने के कारण मरीज अब दांतों की फिलिंग जैसे उपचार कराने से कतराने लगे हैं, क्योंकि इन प्रक्रियाओं में चांदी का उपयोग किया जाता है।

तरल चांदी की शीशियों के दाम कई गुना बढ़ जाने से दंत चिकित्सकों के साथ-साथ मरीजों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। हालात यह हैं कि जो शीशी पहले करीब 1000 रुपए में उपलब्ध थी, उसकी कीमत अब बढ़कर 6000 रुपए तक पहुंच गई है।

दंत चिकित्सा में क्यों जरूरी है चांदी:-

दंत चिकित्सकों के अनुसार दांतों की फिलिंग में चांदी का इस्तेमाल उसकी मजबूती और जीवाणुरोधी गुणों के कारण किया जाता है। तरल चांदी को अन्य धातुओं के मिश्रण के साथ दांत में भरा जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम रहता है। कुछ मरीज दांतों पर चांदी की कैप भी लगवाते हैं, क्योंकि इस पर जंग नहीं लगती। हालांकि कीमतों में तेज उछाल के चलते दंत चिकित्सा के लिए उपयोग होने वाली तरल चांदी की मांग में भारी गिरावट आई है।

उपचार की लागत हुई दोगुनी:-

दंत चिकित्सा में उपयोग होने वाली चांदी को फाइन ग्रेन हाई कॉपर अमलगम कहा जाता है। इसे मरकरी के साथ मिलाकर दांतों की रेस्टोरेशन प्रक्रिया में प्रयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में दांत की कैविटी को साफ कर चांदी की फिलिंग की जाती है। चांदी महंगी होने के कारण अब दंत चिकित्सक फिलिंग के लिए पहले की तुलना में दो से तीन गुना शुल्क लेने लगे हैं।

30 ग्राम की शीशी के बढ़े दाम:-

बाजार में अच्छी गुणवत्ता की सिल्वर फाइन ग्रेन हाई कॉपर अमलगम आमतौर पर 30 ग्राम की शीशी में उपलब्ध होती है। इसमें चांदी की मात्रा लगभग 65 से 70 प्रतिशत होती है। पहले यह शीशी करीब 4000 रुपए में मिल जाती थी, जबकि अब इसकी कीमत 6000 रुपए से अधिक हो गई है।

मरीज टाल रहे हैं फिलिंग:-

चांदी की बढ़ती कीमतों के कारण दांतों की फिलिंग कराने वालों की संख्या में कमी आई है। पहले जहां शीशी के दाम तीन से चार हजार रुपए तक थे, वहीं अब छह हजार रुपए तक पहुंच गए हैं। इसका सीधा असर इलाज की लागत पर पड़ा है और फिलिंग का शुल्क करीब 1000 रुपए तक बढ़ गया है। कई मरीज अब चांदी के दाम कम होने का इंतजार कर रहे हैं।

— डॉ. रंजन माथुर, वरिष्ठ दंत चिकित्सक