Rajasthan: सरकारी स्कूलों के शिक्षक सीखेंगे AI और डिजिटल टूल्स, 74 ऑनलाइन कोर्स से होगा कौशल विकास

post 369 (1)

जयपुर। सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों की भूमिका केवल पारंपरिक शिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों और डिजिटल माध्यमों से भी जोड़ा जाएगा। शिक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों, संस्था प्रधानों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी की है।

इस पहल के तहत शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल टूल्स और नई शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार के कर्मयोगी पोर्टल से कुल 74 ऑनलाइन कोर्स चयनित किए गए हैं। इन कोर्सों में समावेशी शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, समग्र शिक्षा अभियान, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, स्कूल सुरक्षा और बाल संरक्षण जैसे विषय शामिल किए गए हैं। इसके अलावा चैटजीपीटी सहित जनरेटिव एआई टूल्स के उपयोग पर भी विशेष फोकस रखा गया है, ताकि शिक्षक तकनीक का सही उपयोग कर सकें।

एआई और साइबर सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस:-

शिक्षा विभाग की ओर से प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त कंप्यूटर प्रोग्रामर मोहम्मद तनवीर खान ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभागीय आदेश के अनुसार शिक्षकों को अपनी आवश्यकता और कार्यक्षेत्र के अनुसार कोर्स का चयन करना होगा तथा निर्धारित समय में उन्हें पूरा करना अनिवार्य रहेगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-समय पर इसकी निगरानी की जाएगी और कोर्स पूर्ण होने के बाद शिक्षकों की प्रगति का मूल्यांकन भी किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण का प्रभाव स्कूल स्तर पर दिखाई दे सके।

तकनीक आधारित शिक्षण को मिलेगा बढ़ावा:-

इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक एआई आधारित टूल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करना सीखेंगे। इससे वे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का बेहतर आकलन कर सकेंगे, पाठ योजनाएं तैयार कर पाएंगे, विषय आधारित डिजिटल सामग्री विकसित कर सकेंगे और छात्रों की जरूरतों के अनुरूप व्यक्तिगत शिक्षण पद्धति अपनाने में सक्षम होंगे।

सरकारी स्कूलों की पढ़ाई में दिख सकता है बदलाव:-

शिक्षाविदों का मानना है कि यदि शिक्षक तकनीक और एआई टूल्स का प्रभावी उपयोग सीख लेते हैं, तो सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे न केवल शिक्षण स्तर बेहतर होगा, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों और प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में भी मदद मिलेगी।