Madan Dilawar: राजस्थान में 1.5 लाख शिक्षकों की होगी भर्ती, BLO ड्यूटी के नाम पर गैरहाजिर शिक्षकों पर सख्ती

कोटा। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने रविवार को नयापुरा स्थित सियाम ऑडिटोरियम में कोटा और बूंदी जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ब्लॉकवार सुझाव लिए और विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
BLO कार्य के नाम पर अनुपस्थित शिक्षकों पर सख्ती:-
मंत्री ने कहा कि बीएलओ कार्य के लिए अर्द्धदिवसीय समय निर्धारित है और अब यह कार्य भी समाप्त हो चुका है। ऐसे में इस कार्य के नाम पर अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों का वेतन रोका जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर जिला प्रशासन से साझा की जाए।
खेल गतिविधियां होंगी अनिवार्य:-
विद्यालयों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए मंत्री ने कहा कि पीटीआई को अब प्रत्येक कक्षा में एक कालांश खेल गतिविधि का लेना होगा। साथ ही विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर पीटीआई की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। जहां खेल मैदानों पर अतिक्रमण है, उन्हें हटाया जाएगा और जिन विद्यालयों में मैदान नहीं हैं, वहां नए मैदान विकसित किए जाएंगे।
नशा करने वाले शिक्षकों पर नजर:-
मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका समाज के निर्माण में अहम होती है, इसलिए नशा करने वाले शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है। हालांकि फिलहाल उनके खिलाफ कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है।
शिक्षकों की कमी दूर करने पर जोर:-
शिक्षकों की कमी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि नए विद्यालय खोलने के बजाय मौजूदा स्कूलों में स्टाफ की नियुक्ति पर फोकस किया जा रहा है। अब तक 30 हजार शिक्षकों की भर्ती हो चुकी है, जबकि भविष्य में 1.5 लाख और भर्तियां की जाएंगी।
विद्यार्थियों के नामों में सुधार की पहल:-
मंत्री ने कहा कि कई बार विद्यार्थियों के नाम अनुचित या जाति सूचक होते हैं। इन्हें सम्मानजनक बनाने के लिए शिक्षकों को अभिभावकों से संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सरकार 3,000 नामों की सूची भी उपलब्ध कराएगी।
पर्यावरण और नवाचार पर जोर:-
सुल्तानपुर के पीएमश्री विद्यालय में ‘पर्यावरण मित्र’ टीम बनाकर विद्यार्थियों को तीन दिवसीय टूर पर भेजने की पहल की गई है। वहीं अर्जुनपुरा विद्यालय में एआई आधारित कोर्स तैयार कर विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
नशामुक्त विद्यालय की पहल:-
तालेड़ा स्कूल में पूरे स्टाफ को नशामुक्त घोषित किया गया है। यहां गुटखा व नशीले पदार्थों पर सख्ती से प्रतिबंध लागू है और स्कूल परिसर में प्रवेश से पहले स्वच्छता सुनिश्चित की जाती है।
शिक्षा के लिए सहयोग के उदाहरण:-
जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीणा के परिवार द्वारा विद्यालय के लिए भूमि, फर्नीचर, सोलर पैनल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सराहनीय पहल के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम में देरी:-
संवाद कार्यक्रम सुबह 9 बजे निर्धारित था, लेकिन मंत्री करीब दो घंटे देरी से पहुंचे, जिसके बाद दोपहर में कार्यक्रम शुरू हो सका।