Jaipur Crime: अनु मीणा सुसाइड केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पति गौतम मीणा को हिरासत में लिया

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जयपुर। राजधानी के चर्चित अनु मीणा सुसाइड केस में पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और लोक निर्माण विभाग (PWD) में अधिशासी अभियंता (XEN) पद पर कार्यरत गौतम मीणा को हिरासत में ले लिया है। मामले में दर्ज शिकायत और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मानसरोवर थाना पुलिस आरोपी पति से गहन पूछताछ कर रही है। जांच के बाद गौतम मीणा की गिरफ्तारी को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है।

मानसरोवर एसीपी आदित्य काकड़े ने बताया कि गुरुवार सुबह गौतम मीणा को पूछताछ के लिए राउंडअप किया गया। पुलिस आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों, पति-पत्नी के संबंधों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच में जुटी है। मामले में परिजनों समेत अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।

पुलिस को जांच के दौरान घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मिली है। बताया जा रहा है कि इनमें दंपति के बीच विवाद से जुड़े कुछ दृश्य सामने आए हैं। वहीं, बच्चों के बयान भी जांच का अहम हिस्सा बने हुए हैं। बच्चों ने अपने बयानों में घर में अक्सर होने वाले विवाद और मां के साथ कथित दुर्व्यवहार की बात कही है।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि गौतम मीणा का एक घरेलू महिला कर्मचारी के साथ संबंध था, जिसे लेकर घर में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद अनु मीणा को लगातार मानसिक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

अनु मीणा ने 17 अप्रैल को अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद उनके परिजनों ने गौतम मीणा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया था। बाद में कुछ वीडियो और डिजिटल सामग्री भी सामने आई, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया।

गौतम मीणा पहले ही अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी अपनी पत्नी को प्रताड़ित नहीं किया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उनकी अधिकांश संपत्ति पत्नी के नाम थी और बच्चों को उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है। साथ ही उन्होंने घटना वाले दिन पत्नी से बातचीत होने की बात भी कही थी।

फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।