बड़ी खबर: पत्थरबाजों पर भजनलाल सरकार का सख्त रुख, चौमूं में गरजा बुलडोजर; इलाका छावनी में तब्दील

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बड़ी खबर: पत्थरबाजों पर भजनलाल सरकार का सख्त रुख, चौमूं में गरजा बुलडोजर; इलाका छावनी में तब्दील

Chomu Bulldozer Action: जयपुर, चौमूं में 26 दिसंबर को हुई हिंसा के बाद भजनलाल सरकार ने सख्ती दिखाते हुए पत्थरबाजों के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। गुरुवार को प्रशासन ने चौमूं में बुलडोजर चलाकर उपद्रव से जुड़े आरोपियों के अवैध निर्माणों को हटाया। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

रेलिंग हटाने को लेकर हुए बवाल के बाद नगर परिषद ने इमाम चौक, अशोक प्लाजा समेत अन्य स्थानों पर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी किए थे। प्रशासन ने घरों पर नोटिस चस्पा कर तीन दिन में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। नोटिस की मियाद 31 दिसंबर को खत्म होने के बाद शुक्रवार को भारी पुलिस जाब्ते के बीच कार्रवाई शुरू की गई।

एक मकान और दो कॉम्प्लेक्स सीज:-

सुबह करीब 7 बजे नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के लिए चार बुलडोजर, सात ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर लगाए गए। इस दौरान एक मकान और दो कॉम्प्लेक्स को सीज किया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान एडीसीपी राजेश गुप्ता, एसीपी उषा यादव, आरपीएस अंजु यादव, चौमूं थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा और हरमाड़ा थाना प्रभारी उदयसिंह यादव सहित कई थानों का पुलिस बल तैनात रहा।

आठवें दिन भी पुलिस तैनात:-

धार्मिक स्थल पर रेलिंग हटाने को लेकर हुए उपद्रव के आठवें दिन भी चौमूं में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। फिलहाल शहर में हालात पूरी तरह शांत हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स की तैनाती जारी है।

फरार आरोपियों की तलाश तेज:-

उपद्रव के मामले में नामजद 34 आरोपियों में से 19 को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। आरोपियों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, जानलेवा हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं।

ये है पूरा मामला:-

26 सितंबर की तड़के धार्मिक स्थल के बाहर रखे पत्थर हटाने की कार्रवाई के दौरान हालात बिगड़ गए थे। समुदाय विशेष के लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने 28 दिसंबर तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। मामले में अब तक 125 उपद्रवियों और उनके सहयोगियों को हिरासत में लिया गया है।