बजरी माफिया को रोकते बीकानेर के बॉर्डर होमगार्ड अमरसिंह की जान गई
बजरी माफिया को रोकते बीकानेर के बॉर्डर होमगार्ड अमरसिंह की जान गई
बीकानेर के छत्तरगढ़ में ए कंपनी के बॉर्डर होमगार्ड की अजमेर के बड़ली में बजरी माफियाओं को रोकते जान चली गई। बॉर्डर होमगार्ड का शव बीकानेर लाया गया और पैतृक गांव छत्तरगढ़ के चक 3 डीएसएम में राजकीय सम्मान के साथ अन्त्येष्टि की गई। छत्तरगढ़ में चक 3डीएसएम निवासी अमरसिंह 15 जनवरी, 11 को बॉर्डर होमगार्ड में भर्ती हुआ था। 16 दिसंबर, 25 को उसे अजमेर के खान एवं भूविज्ञान विभाग कार्यालय में ड्यूटी के लिए भेजा गया। 25 जनवरी को वह अजमेर के बड़ली गांव में ड्यूटी पर था। इस दौरान होमगार्ड ने वहां बजरी का अवैध खनन करने वाले जेसीबी और ट्रेक्टर ट्राली को रोकने की कोशिश की। जेसीबी चालक ने दीवार तोड़कर भागने का प्रयास किया जिससे वहां मौजूद अमरसिंह घायल हुआ और अस्पताल में इलाज के दौरान उसका स्वर्गवास हो गया। अमरसिंह का शव उसके गांव 3डीएसएम मानसर खरबारा लाया गया जहां मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अन्त्येष्टि की गई। अमरसिंह की पार्थिव देह को पहले छत्तरगढ़ बॉर्डर होमगार्ड कार्यालय लाया गया जहां से गाड़ियों के काफिले के साथ खरबारा गांव ले जाया गया। चक 3डीएसएम में उनकी पार्थिव देह को बड़े भाई भवानीसिंह ने मुखाग्नि दी। अधिकारियों और ग्रामिणों ने पार्थिव देह पर पुष्प चक्र और मालाएं अर्पित की। जवानों ने सहशस्त्र सलामी दी। इस दौरान बॉर्डर होमगार्ड के कमांडेंट अरुणसिंह भाटी, कंपनी कमांडर रामप्रताप, नायब तहसीलदार भेरूलाल, छत्तरगढ़ पुलिस थाना एसएचओ नवनीतसिंह, मंडी 465 चौकी प्रभारी जेठाराम, फोरमैन श्रवणसिंह मौजूद थे।