शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के औचक निरीक्षण में खुली पोल, सरकारी विद्यालयों में बिना अनुमति गैरहाजिर मिले कई शिक्षक

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जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अपने दो दिवसीय श्रीगंगानगर दौरे के दौरान बुधवार को कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

बिना अवकाश स्वीकृति के प्रिंसिपल अनुपस्थित

राजकीय विद्यालय 3 एचएच के निरीक्षण के दौरान प्रिंसिपल गिरजा शंकर अनुपस्थित पाए गए। जांच में सामने आया कि उन्होंने अवकाश भी स्वीकृत नहीं कराया था। इसके अलावा दो अन्य शिक्षक भी बिना अनुमति के अनुपस्थित मिले।

विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक कुल 32 विद्यार्थियों का नामांकन है, जबकि गांव की आबादी करीब 700 है। इस पर मंत्री ने नामांकन बढ़ाने और शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के निर्देश दिए।

छात्रों का शैक्षणिक स्तर कमजोर मिला

मंत्री ने कक्षा 8 के विद्यार्थियों से सवाल-जवाब कर उनकी शैक्षणिक स्थिति का आकलन किया, जिसमें प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। एक छात्र साधारण गणितीय प्रश्न का उत्तर भी नहीं दे पाया।

कक्षा 7 में निरीक्षण के दौरान केवल 3 विद्यार्थी उपस्थित मिले। इस पर मंत्री ने सीडीईओ अरविंदर सिंह से नियमित निरीक्षण नहीं होने पर जवाब-तलब किया। अधिकारी ने संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बोर्ड और शौचालय व्यवस्था में भी खामियां

इसके बाद मंत्री ने सूरतगढ़ की ग्राम पंचायत भगवानगढ़ स्थित डीबीएनडी स्कूल का निरीक्षण किया। वर्ष 2021 में विद्यालय के उच्च माध्यमिक बनने के बावजूद प्रवेश द्वार पर अभी भी माध्यमिक विद्यालय का बोर्ड लगा हुआ मिला।

विद्यालय में शौचालयों में पानी की व्यवस्था नहीं थी और छात्र-छात्राओं के शौचालय का नामांकन भी सही नहीं पाया गया। इस पर मंत्री ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि कम विद्यार्थियों के बावजूद बेहतर परिणाम अपेक्षित हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, अनुशासन बनाए रखने और नामांकन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।