रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ FIR के बाद बड़ा खुलासा, पुलिस क्यों नहीं कर सकती गिरफ्तार? सामने आया ये ‘नया मोड़’

राजस्थान की राजनीति में ‘सोशल मीडिया किंग’ कहे जाने वाले रविंद्र सिंह भाटी और प्रसिद्ध भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच का विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। बाड़मेर के शिव थाने में विधायक भाटी और उनके करीबियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, लेकिन इस केस में एक अहम कानूनी पेच सामने आया है।
स्थानीय पुलिस क्यों नहीं कर पा रही कार्रवाई?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, किसी वर्तमान विधायक (Sitting MLA) के खिलाफ मामला दर्ज होने पर उसकी जांच सीधे थाने स्तर पर नहीं होती। ऐसे मामलों को नियमानुसार CID-CB को ट्रांसफर किया जाता है। इसी वजह से फिलहाल स्थानीय पुलिस भाटी के खिलाफ सीधे एक्शन या गिरफ्तारी नहीं कर सकती।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
इस पूरे मामले की शुरुआत एक सोशल मीडिया कमेंट से हुई। छोटू सिंह रावणा ने एक बच्चे के वीडियो पर टिप्पणी की थी—“काश बेटा आप रील स्टार होते, तो सारे नेता आपके पास होते।” आरोप है कि इस पर नाराज होकर रविंद्र सिंह भाटी ने फोन पर उन्हें धमकी दी।
इसके बाद मामला और गर्मा गया, जब रावणा राजपूत समाज के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया। रावणा ने चेतावनी दी कि अगर समाज का अपमान हुआ तो चुनाव में बहिष्कार किया जाएगा।
दागी विधायकों का आंकड़ा:-
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में करीब 35-40% विधायकों पर किसी न किसी प्रकार के आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से लगभग 28 विधायकों पर गंभीर धाराओं में केस चल रहे हैं। वहीं 50 से ज्यादा वर्तमान और पूर्व विधायकों के मामले CID-CB या विशेष अदालतों में लंबित हैं।
मामले में नया मोड़:-
छोटू सिंह रावणा ने पुलिस को एक पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें कथित धमकी भरे ऑडियो होने का दावा किया गया है। दूसरी ओर, भाटी समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।
फिलहाल जांच एजेंसी CID-CB के पास मामला पहुंचने की प्रक्रिया में है। इस विवाद ने मारवाड़ क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक समीकरणों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।