भाटी Vs रावणा विवाद: अब छोटू सिंह ने जारी किया नया वीडियो, रविंद्र सिंह के दावों पर पलटवार, सबूत भी किए सार्वजनिक

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राजस्थान की चर्चित राजनीतिक- सामाजिक तकरार में एक नया मोड़ आ गया है। भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने एक और वीडियो जारी कर विधायक रविंद्र सिंह भाटी के दावों को सीधे तौर पर चुनौती दी है। रावणा का कहना है कि उन्हें चुप कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस नए वीडियो के सामने आते ही पश्चिमी राजस्थान की राजनीति में फिर हलचल तेज हो गई है।

‘ये रही कॉल डिटेल्स’

भाटी समर्थकों द्वारा सबूत मांगे जाने पर रावणा ने अपने वीडियो में कुछ अहम बातें साझा कीं—

  • स्क्रीनशॉट सार्वजनिक किया: उन्होंने विधायक भाटी की कॉल डिटेल्स का स्क्रीनशॉट साझा किया है।
  • ट्रेलर मात्र: गायक ने कहा कि यह तो अभी शुरुआत है, वक्त आने पर और भी पुख्ता सबूत जनता के सामने रखे जाएंगे।

‘धमकियों की आदत हो गई’

रावणा ने वीडियो में कहा कि उन्हें धमकियां मिलना कोई नई बात नहीं है—

  • बिना सुरक्षा भी बेखौफ: उनका दावा है कि पिछले 2–3 साल से लगातार धमकियां मिल रही हैं, लेकिन आज तक मेरे पास कोई सिक्योरिटी नहीं है। मैं इतनी धमकियां सुन चुका हूं कि अब मुझे डर नहीं लगता।”
  • दोहरा चेहरा आरोप: उन्होंने इशारों में कहा कि कुछ नेता सामने कुछ और, पर्दे के पीछे कुछ और व्यवहार करते हैं।

‘दिनभर आ रहे दबाव वाले फोन’

रावणा ने यह भी आरोप लगाया कि पहले वीडियो के वायरल होने के बाद उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है—

  • लगातार कॉल्स: उन्होंने दावा किया कि कई प्रभावशाली लोगों के फोन आ रहे हैं।
  • मानसिक दबाव: उन्हें चुप रहने के लिए डराने की कोशिश की जा रही है।

विवाद की जड़ क्या है?

वहीं विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पूरे मामले को एक पुराने वीडियो से जुड़ा बताया—

  • क्या है मामला: लगभग दो साल पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर फिर से वायरल किया गया, जिसमें एक कैंसर पीड़ित बच्चे की मदद का जिक्र था। भाटी के अनुसार, वह बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ होकर इस बीमारी से बाहर आ चुका है।
  • भ्रामक कमेंट का आरोप: उनका कहना है कि रावणा ने बिना पूरी जानकारी के उस पर टिप्पणी कर दी, जिससे विवाद शुरू हुआ।

‘धमकी नहीं, सिर्फ आपत्ति’

रावणा द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों पर भाटी ने सफाई दी—

  • जिम्मेदारी का अहसास: “मैंने निश्चित रूप से आपत्ति दर्ज करवाई और एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे आपत्ति दर्ज करानी भी चाहिए थी।
  • समझाने का लहजा: भाटी का दावा है कि उन्होंने समझाने के लहजे में बात की, न कि धमकी दी।

अभी भी कई सवाल बाकी

इस पूरे विवाद में कुछ अहम बातें अब तक साफ नहीं हो पाई हैं—

  1. ऑडियो रिकॉर्डिंग गायब: कॉल डिटेल्स सामने आई हैं, लेकिन बातचीत की रिकॉर्डिंग नहीं।
  2. पुलिस में शिकायत नहीं: दोनों पक्षों ने अब तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।

सोशल मीडिया पर ‘दो खेमे’

यह विवाद अब सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ चुका है—

  • एक वर्ग भाटी के समर्थन में इसे अनुशासन और जिम्मेदारी बता रहा है।
  • दूसरा वर्ग रावणा के पक्ष में इसे कलाकार की आवाज दबाने की कोशिश मान रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मामला लंबा खिंचता है, तो इसका असर आने वाले चुनावों और स्थानीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।