NRI मामा ने राजस्थान में भरा 1 करोड़ का मायरा, 21 लाख की सोने-चांदी की ज्वेलरी समेत दिए कई महंगे गिफ्ट

post 1011 (1)

राजस्थान: सीकर जिले के राणोली क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय खास बन गया, जब एक प्रवासी भारतीय (NRI) मामा ने अपनी बहन के घर करीब एक करोड़ रुपए का मायरा (भात) भरकर सबका ध्यान खींच लिया। मायरे में नकद राशि के साथ सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े और कई कीमती उपहार शामिल थे। इस भव्य मायरे की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है और सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो रही है।

मायरे में दिए महंगे उपहार:-

जानकारी के मुताबिक एनआरआई कैलाश यादव ने अपनी बहन के यहां विवाह समारोह में मायरा भरा। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ वे अपने बड़े भाई नारायण यादव की प्रेरणा से छोटे भाई छोटेलाल यादव के साथ मायरा लेकर पहुंचे।

मायरे के दौरान उन्होंने 51 लाख रुपए नकद भेंट किए, वहीं करीब 21 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण भी दिए। इसके अलावा कपड़े, घरेलू सामान और अन्य कई उपहार भी शामिल थे। कुल मिलाकर इस मायरे की कीमत लगभग एक करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। इतनी बड़ी राशि का मायरा भरने की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी खूब चर्चा हो रही है।

क्यों भरते है मायरा?

राजस्थान, खासतौर पर शेखावाटी क्षेत्र में मायरा (भात) भरने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही सामाजिक और पारिवारिक रस्म मानी जाती है। इस रस्म में लड़की के मामा अपनी बहन के घर विवाह के अवसर पर कपड़े, आभूषण, मिठाई, नकद राशि और अन्य उपहार लेकर पहुंचते हैं।

इसे मामा द्वारा अपनी बहन और भांजी-भांजों के प्रति स्नेह, सम्मान और जिम्मेदारी के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, जब बहन के बेटे या बेटी का विवाह होता है तो मामा मायरा भरकर यह संदेश देते हैं कि बेटी का मायका हमेशा उसके साथ खड़ा है।

ग्रामीण समाज में मायरे को सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान से भी जोड़ा जाता है। परिवार अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार मायरा भरते हैं। समय के साथ कई जगहों पर यह रस्म काफी भव्य रूप भी लेने लगी है, लेकिन इसकी मूल भावना रिश्तों को मजबूत करना और परिवार की खुशियों को साझा करना ही मानी जाती है।