Rajasthan LPG Crisis: आज-कल में ऑनलाइन फूड डिलीवरी भी बंद! खाली हुए होटलों के सिलेंडर, मचा हड़कंप

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Online Food Delivery: कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर अब फूड इंडस्ट्री पर साफ नजर आने लगा है। राजधानी समेत प्रदेश के कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट संचालक गैस की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई किचन बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं और अगर जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाएं आज या कल तक बंद की जा सकती हैं।

शहर के कई इलाकों में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि उनके पास गैस का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में बड़े स्तर पर खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों और संचालकों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडर की सप्लाई समय पर नहीं मिल रही, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।

गैस किल्लत की वजह:-

  • वैश्विक तनाव: पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने से गैस की उपलब्धता पर असर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इसका असर यहां भी देखा जा रहा है।
  • घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता: केंद्र और राज्य सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसी कारण कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई में अस्थायी कटौती की गई है।
  • जमाखोरी और कालाबाजारी: किल्लत की खबरों के बीच कुछ जगहों पर गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे सामान्य होटल संचालकों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे।

सरकार का पक्ष:-

राज्य सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय बैठक की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू गैस की आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।

जिला प्रशासन को कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने और गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तेल कंपनियों को रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि अगले 3 से 5 दिनों में कॉमर्शियल गैस की सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।

आम लोगों पर असर:-

प्रदेश में हजारों होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर इस संकट का सीधा असर पड़ रहा है। कुछ जगहों पर संचालक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन या कोयले का सहारा ले रहे हैं, लेकिन बड़े स्तर पर खाना बनाने के लिए यह पर्याप्त नहीं है।

होटल कर्मचारियों का कहना है कि गैस का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है और अगर जल्द आपूर्ति नहीं हुई तो ऑनलाइन फूड ऑर्डर लेना बंद करना पड़ सकता है। वहीं संचालकों ने सरकार से जल्द गैस सप्लाई सुचारू कराने की मांग की है।