जयपुर: ‘2 साल बनाम 5 साल’ पर Ashok Gehlot का तंज, कहा- आजादी से अब तक ऐसी मूर्खता किसी सरकार ने नहीं की
जयपुर: ‘2 साल बनाम 5 साल’ पर Ashok Gehlot का तंज, कहा- आजादी से अब तक ऐसी मूर्खता किसी सरकार ने नहीं की
जयपुर : ‘2 साल बनाम 5 साल’ की चर्चा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को विधानसभा में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की तुलना करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि आजादी के बाद से अब तक किसी भी सरकार ने इस तरह की बहस को मुद्दा नहीं बनाया।
गहलोत ने कहा कि सरकार को अपने दो साल के कार्यकाल की वास्तविक स्थिति पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए और जनता के बीच जाकर फीडबैक लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जिन उपलब्धियों का दावा कर रही है, उनमें से कई योजनाएं पूर्ववर्ती सरकार के समय स्वीकृत और शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि घोषणाएं, वित्तीय स्वीकृतियां और टेंडर प्रक्रिया उनकी सरकार में पूरी हुई थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया है या शुरू नहीं किया जा रहा है, जबकि उनके पूरा होने से युवाओं और आमजन को लाभ मिल सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विपक्ष मुक्त भारत” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में सशक्त विपक्ष जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि बिना विपक्ष के लोकतांत्रिक व्यवस्था संतुलित नहीं रह सकती। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और प्रशासनिक तंत्र पर दबाव की आशंका भी जताई।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर भी गहलोत ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियां राजनीतिक माहौल को प्रभावित करती हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के व्यवहार को लेकर भी उन्होंने असहमति जताई और कहा कि राजस्थान में पक्ष-विपक्ष के बीच संवाद की परंपरा मजबूत रही है, जिसे बनाए रखने की जरूरत है।
गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा नहीं होने को गंभीर बताते हुए गहलोत ने कहा कि कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में विस्तृत बहस होनी चाहिए, ताकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सुझावों से बेहतर प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके।