Rajasthan Projects : 10 मेगा योजनाओं में देरी से 1.15 लाख करोड़ का अतिरिक्त बोझ, विकास की रफ्तार पर भी ब्रेक; पढ़े पूरी खबर
Rajasthan Projects : 10 मेगा योजनाओं में देरी से 1.15 लाख करोड़ का अतिरिक्त बोझ, विकास की रफ्तार पर भी ब्रेक; पढ़े पूरी खबर
Rajasthan Projects : राजस्थान में विकास की रफ्तार कई बड़े प्रोजेक्ट्स की सुस्ती के कारण सवालों में है। तय समयसीमा निकलने के बावजूद काम अधूरे हैं और लागत कई गुना बढ़ चुकी है। राजनीतिक खींचतान, प्रशासनिक ढिलाई और निर्माण एजेंसियों की देरी का सीधा असर जनता की जेब पर पड़ रहा है। अनुमान है कि यदि करीब दस बड़े प्रोजेक्ट समय पर पूरे हो जाते तो लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये तक की बचत संभव थी।
- राजस्थान रिफाइनरी
बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रही रिफाइनरी की शुरुआती लागत 43,129 करोड़ रुपये थी, जिसे अक्टूबर 2022 तक पूरा होना था। अब नई समयसीमा मार्च 2026 तय की गई है। लागत बढ़कर 79,459 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है और 63 हजार करोड़ से अधिक खर्च हो चुके हैं।
- वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
प्रदेश से गुजरने वाले इस कॉरिडोर की लागत 51,101 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,24,623 करोड़ रुपये हो गई है। मार्च 2022 की डेडलाइन अब मार्च 2026 तक खिसक गई है।
- रामगंजमंडी–भोपाल नई रेल लाइन
3032 करोड़ रुपये की परियोजना की लागत बढ़कर 5073 करोड़ रुपये हो चुकी है। लक्ष्य दिसंबर 2025 से बढ़ाकर दिसंबर 2027 कर दिया गया है।
- नीमच–बड़ी सादड़ी रेल लाइन
495 करोड़ की योजना अब 825 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह परियोजना राजस्थान और मध्यप्रदेश को जोड़ती है।
- मुकुंदरा हिल्स टनल (कोटा)
दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के तहत 1000 करोड़ की इस टनल का कार्य 2019 में शुरू हुआ था। दिसंबर 2024 की बजाय अब अप्रैल 2026 नई समयसीमा है। देरी से करीब 50 करोड़ की अतिरिक्त लागत जुड़ी है।
- बेणेश्वर धाम पुल (डूंगरपुर)
132 करोड़ की लागत से शुरू हुआ 1345 मीटर लंबा पुल अब लगभग 20 करोड़ महंगा हो चुका है। अब तक 100 करोड़ खर्च होने के बावजूद केवल 60 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। नई समयसीमा मार्च 2026 है।
- झुंझुनूं पुलिस लाइन आरओबी
2019 में शुरू 51 करोड़ की परियोजना बजट अभाव के कारण अटकी रही। लागत लगभग दोगुनी होने की आशंका है। लक्ष्य जनवरी 2027 रखा गया है।
- हनुमानगढ़–सतीपुरा आरओबी
60 करोड़ की परियोजना में 7 करोड़ की वृद्धि हो चुकी है। 2020 की डेडलाइन कई बार बढ़ाई गई। विभागीय समन्वय की कमी देरी का कारण बताई जा रही है।
- धौलपुर–सरमथुरा रेल लाइन
नैरोगेज से ब्रॉडगेज परिवर्तन का कार्य 2019 तक पूरा होना था, अब 2027 लक्ष्य है। लंबी देरी से लागत कई गुना बढ़ चुकी है।
- जोधडास ओवरब्रिज (भीलवाड़ा)
52 करोड़ की परियोजना पर 30 करोड़ खर्च हो चुके हैं। जुलाई 2026 तक पूरा करने का दावा है, लेकिन देरी से लागत और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।