खाजूवाला में सजा तिरंगे और वंदे मातरम् का रंग, विद्यार्थियों के हुनर ने मोहा मन

उपखंड स्तरीय तिरंगा एवं वंदे मातरम् मेला-प्रदर्शनी में दिखी देशभक्ति और नवाचार की झलक, चंद्रयान-मंगलयान के मॉडल रहे आकर्षण का केंद्र
खाजूवाला। Rkhabar
उपखंड अधिकारी पंकज गढ़वाल के निर्देशन में पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, खाजूवाला में उपखंड स्तरीय ‘तिरंगा एवं वंदे मातरम् मेला व प्रदर्शनी’ का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा, वैज्ञानिक सोच और देशभक्ति की भावना का प्रदर्शन किया।
हस्तनिर्मित तिरंगा राखियों ने खींचा ध्यान
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित तिरंगे, आकर्षक तिरंगा राखियां, जल शुद्धिकरण मॉडल सहित विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक मॉडल प्रदर्शित किए गए। देशभक्ति की भावना से तैयार की गई तिरंगा राखियों ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
चंद्रयान और मंगलयान के वर्किंग मॉडल बने आकर्षण
प्रदर्शनी में देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों को दर्शाने वाले चंद्रयान और मंगलयान के वर्किंग मॉडल प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने अधिकारियों और आमजन को अपने मॉडल की कार्यप्रणाली के बारे में आत्मविश्वास के साथ जानकारी दी। बच्चों की वैज्ञानिक समझ और प्रस्तुतीकरण क्षमता देखकर उपस्थित लोगों ने उनकी सराहना की।
अधिकारियों ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन
प्रदर्शनी का अवलोकन तहसीलदार हरीश टाक, नगर पालिका खाजूवाला के अधिशाषी अधिकारी सोहन लाल, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी केवल कृष्ण चुघ तथा स्थानीय विद्यालय के संस्था प्रधान लक्ष्मीनारायण शर्मा सहित अन्य अधिकारियों, शिक्षकों और प्रबुद्ध नागरिकों ने किया।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों और कलात्मक प्रस्तुतियों की जानकारी ली तथा उनके प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम को बढ़ावा देते हैं।
देशभक्ति और नवाचार का संगम
मेले में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में भी प्रतिभा और नवाचार की कोई कमी नहीं है। तिरंगे से जुड़ी रचनात्मक प्रस्तुतियों के साथ चंद्रयान और मंगलयान जैसे वैज्ञानिक मॉडल ने प्रदर्शनी को देशभक्ति और विज्ञान के अनूठे संगम में बदल दिया। बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और आमजन कार्यक्रम में मौजूद रहे।