SOG की बड़ी कार्रवाई: 10 हजार का इनामी परीक्षा माफिया गिरफ्तार, लाखों रुपये लेकर सरकारी परीक्षाओं में बैठाता था डमी कैंडिडेट

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SOG की बड़ी कार्रवाई: 10 हजार का इनामी परीक्षा माफिया गिरफ्तार, लाखों रुपये लेकर सरकारी परीक्षाओं में बैठाता था डमी कैंडिडेट

जयपुर | Rkhabar

राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी दिलखुश मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर उनकी जगह डमी कैंडिडेट बैठाने वाले नेटवर्क का अहम सदस्य बताया जा रहा है।

एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी अभ्यर्थियों और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।

लंबे समय से पुलिस की पकड़ से था बाहर

एसओजी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दिलखुश मीणा (30) अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र का निवासी है। भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े के मामले में उसकी काफी समय से तलाश की जा रही थी। लगातार फरार रहने के कारण उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

विशेष टीम ने 29 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उससे कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकारी भर्ती परीक्षाओं में चलता था डमी कैंडिडेट का खेल

जांच में सामने आया है कि आरोपी ऐसे अभ्यर्थियों से संपर्क करता था जो किसी भी तरह सरकारी नौकरी हासिल करना चाहते थे। उनसे लाखों रुपये की डील तय कर उनकी जगह दूसरे व्यक्ति को परीक्षा में बैठाने की पूरी व्यवस्था की जाती थी।

गिरोह फर्जी पहचान, दस्तावेज और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर असली उम्मीदवार की जगह डमी कैंडिडेट को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाता था। इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती थी।

SSC CHSL परीक्षा में भी सामने आया था फर्जीवाड़ा

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल के अनुसार, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा 15 जुलाई 2018 को आयोजित संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तर (CHSL) परीक्षा में भी इसी गिरोह की भूमिका सामने आई थी।

जांच में खुलासा हुआ कि असली अभ्यर्थी की जगह दूसरे व्यक्ति को परीक्षा में बैठाकर अवैध तरीके से चयन कराने की साजिश रची गई थी।

गिरोह में दलाल की निभाता था भूमिका

एसओजी की जांच के मुताबिक दिलखुश मीणा इस पूरे नेटवर्क में दलाल (मिडलमैन) की भूमिका निभाता था। वह सरकारी नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों की तलाश करता, फिर उन्हें गिरोह के अन्य सदस्यों से मिलवाकर पूरी डील तय करवाता था।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कई अभ्यर्थियों और गिरोह के मास्टरमाइंड के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता था।

अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार

भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में एसओजी पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक प्रमोद कुमार यादव, अवनीश कुमार उर्फ मोनू, चेतराम मीणा, विनय कुमार सिंह, सुनील कुमार मीणा सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

दिलखुश मीणा की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं।

कई और खुलासों की उम्मीद

एसओजी अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ में भर्ती परीक्षा माफिया के नेटवर्क, फर्जी अभ्यर्थियों, दलालों और अन्य सहयोगियों के बारे में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने किन-किन सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा किया और इसका नेटवर्क राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों तक फैला हुआ था या नहीं।

मुख्य बिंदु

  • SOG ने 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी दिलखुश मीणा को किया गिरफ्तार।
  • आरोपी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बैठाने वाले गिरोह का सदस्य।
  • अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर फर्जी तरीके से परीक्षा दिलाने का आरोप।
  • SSC CHSL 2018 परीक्षा में भी सामने आई थी गिरोह की भूमिका।
  • मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी, कई अन्य की तलाश जारी।
  • आरोपी से पूछताछ के आधार पर भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना।

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