पूगल तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री को लेकर विवाद, बार संघ का दिनभर विरोध प्रदर्शन

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पूगल | Rkhabar

पूगल तहसील कार्यालय में एक भूमि की रजिस्ट्री को लेकर शुक्रवार को वकील गण व तहसीलदार आमने सामने हो गए। वकीलों ने पूरे दिन यहां हंगामा किया। पूगल बार संघ के समर्थन में खाजूवाला बार संघ भी यहां पहुंचा व आरोप प्रत्यारोप किया। वही दोपहर बाद दोनों पक्षो में आपसी सहमति हो गई और विवाद शांत हुआ।


अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के निर्णय का विरोध करते हुए रजिस्ट्री करने की मांग की और इस संबंध में तहसीलदार पर निर्णय बदलने का दबाव भी बनाया। विरोध के चलते तहसील कार्यालय में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा तथा आमजन के कार्य भी प्रभावित हुए।
बार संघ के अधिवक्ताओं का कहना था कि संबंधित भूमि का स्थानीय अधिवक्ता द्वारा रजिस्ट्री करने के लिए शुक्रवार को दस्तावेज पेश किए गए। वही अधिकारी द्वारा कई देर तक आनाकानी की गई। जिसके बाद अधिवक्ता एकत्रित हुए। वही विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना उचित आधार के रजिस्ट्री रोकी जा रही है, जिससे संबंधित पक्ष को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया और प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
हालांकि तहसीलदार ने अपने निर्णय को सही बताते हुए रजिस्ट्री करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। विरोध के बावजूद उन्होंने कहा कि जब तक कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक नियमानुसार कार्रवाई ही की जाएगी।

तहसीलदार का पक्ष
तहसीलदार दौलाराम बाजिया ने बताया कि संबंधित भूमि के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी कि वर्ष 2014 में इस भूमि का बैयनामा हो चुका है तथा इस भूमि के पूर्व में 4 बैयनामे हो चुके है। ऐसे में नियमानुसार रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जा सकती हैं तथा इस मामले से जुड़ा प्रकरण वर्तमान में खाजूवाला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामला लंबित होने और शिकायत मिलने के कारण फिलहाल रजिस्ट्री करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि प्रशासन को कानून और नियमों के अनुरूप कार्य करना होता है। यदि न्यायालय से मामला स्पष्ट हो जाता है अथवा सक्षम स्तर से आवश्यक निर्देश प्राप्त होते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्णय पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही लिया जाएगा। तहसीलदार द्वारा अधिवक्ताओ के समक्ष दस्तावेज दिखाने व न्यायालय में चल रहे प्रकरण के बारे मे बताया तब जाकर काफी देर बाद मामला शांत हुआ।

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