बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से शहजाद पूनावाला का इस्तीफा! ‘X’ बायो से हटाया पार्टी का नाम, पीएम मोदी के प्रति जताई निष्ठा

100416512

नई दिल्ली | Rkhabar

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तेजतर्रार और चर्चित राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। टीवी डिबेट्स में विपक्ष पर अपने आक्रामक तेवर और बेबाक अंदाज के लिए पहचान रखने वाले शहजाद के इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, शहजाद पूनावाला ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस्तीफे का कारण व्यक्तिगत कारण बताया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक न तो भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है और न ही शहजाद पूनावाला ने सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया दी है।

‘X’ प्रोफाइल में बदलाव से बढ़ी चर्चाएं

शहजाद पूनावाला के इस्तीफे की चर्चा उस समय और तेज हो गई जब उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) के प्रोफाइल में बड़ा बदलाव किया।

पहले जहां उनके बायो में “राष्ट्रीय प्रवक्ता, भारतीय जनता पार्टी” लिखा हुआ था, वहीं अब यह उल्लेख पूरी तरह हटा दिया गया है। नए बायो में उन्होंने लिखा है—

“धर्म: इस्लाम | संस्कृति: हिंदू | विचारधारा: भारतीय | लेखक – GST की यात्रा | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आजीवन अनुयायी (Lifelong Follower of PM Narendra Modi).”

इस बदलाव से यह संकेत जरूर मिलता है कि संगठनात्मक जिम्मेदारी छोड़ने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनका समर्थन और सम्मान बरकरार है।

पहले ही दे चुके थे राजनीति छोड़ने के संकेत

शहजाद पूनावाला पिछले कुछ समय से अपने पुराने इंटरव्यू और वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर साझा कर रहे थे, जिनमें उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने की इच्छा व्यक्त की थी।

एक वीडियो में उन्होंने कहा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद ही उन्होंने सक्रिय राजनीति छोड़ने का मन बना लिया था। हालांकि, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के चुनावों के चलते उन्होंने पार्टी के साथ काम जारी रखा।

जनवरी 2025 के एक अन्य वीडियो में उन्होंने कहा था कि—

“चुनावी राजनीति और देश के लिए योगदान देना दो अलग-अलग बातें हैं। केवल सांसद या विधायक बनकर ही समाज सेवा नहीं की जा सकती। व्यवस्था के बाहर रहकर भी देश के लिए काम किया जा सकता है।”

इन बयानों को अब उनके इस्तीफे के फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है।

कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

शहजाद पूनावाला का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। पेशे से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता रहे शहजाद ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी।

2017 में कांग्रेस से बगावत

साल 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उन्होंने पार्टी के भीतर वंशवाद और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व से उनका टकराव बढ़ गया और अंततः उन्होंने पार्टी छोड़ दी।

बीजेपी में मिला बड़ा मंच

कांग्रेस छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। भाजपा में आने के बाद उन्होंने टीवी डिबेट्स और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा।

राहुल गांधी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर उनके तीखे हमलों के कारण वे जल्द ही भाजपा के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हो गए। उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया। इसके अलावा वर्ष 2021 में उन्हें दिल्ली भाजपा के सोशल मीडिया विभाग की भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

हालांकि, इस्तीफे की खबर तेजी से चर्चा में है, लेकिन अभी तक भाजपा संगठन या शहजाद पूनावाला की ओर से औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

शहजाद पूनावाला का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है जब भाजपा विभिन्न राज्यों में चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है। पार्टी के मुखर प्रवक्ता के रूप में उनकी पहचान रही है, इसलिए उनका संगठनात्मक पद छोड़ना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल सभी की नजर भाजपा नेतृत्व और स्वयं शहजाद पूनावाला की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है, जिससे उनके भविष्य की राजनीतिक भूमिका और आगे की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।

You may have missed