श्रीगंगानगर में पुलिस अधिकारी की कार ने चार महिला पटवारियों को मारी टक्कर, दो गंभीर; विभागीय जांच के आदेश

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श्रीगंगानगर | Rkhabar

जिले के गजसिंहपुर कस्बे में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में प्रशिक्षण पर आई चार महिला पटवारियां पुलिस अधिकारी की कार की चपेट में आ गईं। हादसा इतना भीषण था कि दो महिला पटवारियां कार के साथ कुछ दूरी तक घिसटती चली गईं। दुर्घटना में दो महिला पटवारियों की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर किया गया, जबकि दो अन्य को भी चोटें आई हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।

पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने बताया कि दुर्घटना के समय कार श्रीगंगानगर कोतवाली में पदस्थापित उपनिरीक्षक (एसआई) सुभाषचंद्र मीणा चला रहे थे। उन्होंने कहा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच गजसिंहपुर थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। पीड़ित पक्ष की ओर से परिवाद मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी तथा संबंधित एसआई के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जाएगी।

छह माह के प्रशिक्षण पर आई थीं महिला पटवारियां

जानकारी के अनुसार गजसिंहपुर में छह माह का पटवारी प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। प्रशिक्षण के बाद मंगलवार को चार महिला पटवारियां कस्बे में घूमने निकली थीं। गोल्डन पब्लिक स्कूल के पास सड़क किनारे पैदल चलते समय पीछे से तेज रफ्तार में आई सफेद कार ने उन्हें टक्कर मार दी।

हादसे में पुरानी आबादी निवासी सुनीता रानी और बीकानेर निवासी पूजा स्वामी गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं गरिमा सहित एक अन्य महिला पटवारी को भी चोटें आई हैं।

दो महिलाएं कार के साथ घिसटती चली गईं

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि सुनीता रानी और पूजा स्वामी कार के साथ कुछ दूरी तक घिसटती चली गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभालकर राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया।

पीटीएस प्रशिक्षु गुरनाम बराड़ ने बताया कि सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने सुनीता रानी और पूजा स्वामी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए श्रीगंगानगर रेफर कर दिया। दोनों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक महिला पटवारी की हालत अधिक गंभीर बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप- चालक ने तुरंत नहीं रोकी कार

प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हादसे के बाद चालक ने तत्काल वाहन नहीं रोका। स्थानीय लोगों का कहना है कि घायलों की सहायता करने के बजाय चालक ने रौब दिखाने का प्रयास किया, जिससे वहां मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई।

हालांकि कुछ छात्रों ने कैंपर वाहन की मदद से कार का पीछा कर उसे रोक लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए।

लोगों में आक्रोश, कार के शीशे भी टूटे

घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने लोगों से “आपको क्या लेना है” जैसी बात कही, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।

हंगामे के दौरान कुछ लोगों ने कार के शीशे भी तोड़ दिए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

24 घंटे पहले ही हुई थी पदोन्नति

पुलिस सूत्रों के अनुसार दुर्घटना में शामिल एसआई सुभाषचंद्र मीणा की एएसआई से एसआई पद पर पदोन्नति घटना से करीब 24 घंटे पहले ही हुई थी। बताया जा रहा है कि वे किसी जांच कार्य के सिलसिले में गजसिंहपुर आए थे। लौटते समय गोल्डन पब्लिक स्कूल के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पैदल चल रही महिला पटवारियों से टकरा गई।

थाना प्रभारी ने कही जांच की बात

गजसिंहपुर थाना प्रभारी शालू बिश्नोई ने बताया कि सड़क किनारे चल रही महिला पटवारियों को वाहन से टक्कर लगने की सूचना मिली थी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने कहा..

श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने कहा कि घायलों का उपचार कराया जा रहा है। मामले में शिकायत मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित उपनिरीक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच भी कराई जाएगी, ताकि दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारी का निष्पक्ष रूप से निर्धारण किया जा सके।

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