वन भूमि पर वर्षों से बसे परिवारों को बेदखल न करने की मांग, कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने CM को लिखा पत्र

खाजूवाला। सीमांत क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित कार्यालय में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से मुलाकात कर बीकानेर जिले के वन विभाग की भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे परिवारों की समस्या से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर ऐसे परिवारों को बेदखल नहीं किए जाने तथा उनके नियमन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
पत्र में बताया गया कि बीकानेर जिले की तहसील छतरगढ़, खाजूवाला, पूगल, बज्जू, उपतहसील रणजीतपुरा और दंतौर क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के आसपास वन विभाग की भूमि पर करीब 50 वर्षों से हजारों परिवार निवास कर रहे हैं। समय के साथ यहां स्थायी बस्तियां विकसित हो चुकी हैं और सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पेयजल, सड़क, नालियां, जलाशय, पानी की टंकियां तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन क्षेत्रों में विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, गुरुद्वारे, मंदिर और सरकारी कार्यालय भी संचालित हैं।
केंद्रीय मंत्री ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वन विभाग और किसानों के बीच दोहरी आवंटन के 1119 प्रकरणों पर राज्य सरकार वर्ष 2014 में किसानों के पक्ष में निर्णय दे चुकी है। इसके बावजूद कई स्थानों पर गलत सीमांकन और त्रुटिपूर्ण माप-तौल के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ऐसी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाकर सही अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराने की मांग की।
पत्र में कहा गया कि अधिकांश प्रभावित परिवार किसान एवं श्रमिक वर्ग से हैं और बिना पुनर्वास के बेदखली से उनके सामने आवास, आजीविका, शिक्षा और स्वास्थ्य का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सरपंच श्रवण कुमार डारा, एडवोकेट जगदीश गोठवाल, कालूराम कुंट, हजारीराम तंवर, सुनील कारगवाल, सुशील पंवार, मदन सारण, चांदीराम, रतन सिंह तथा पाल सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।