बीकानेर: खाजूवाला में 5.073 किलो अफीम तस्करी मामले में दो दोषियों को 15-15 साल का कठोर कारावास, दो आरोपी बरी

खाजूवाला | Rkhabar
बॉर्डर क्षेत्र खाजूवाला में करीब नौ वर्ष पुराने अफीम तस्करी के चर्चित मामले में एनडीपीएस मामलों की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एनडीपीएस कोर्ट के पीठासीन अधिकारी प्रमोद बंसल ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 15-15 वर्ष के कठोर कारावास तथा दो-दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोनों दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में दो अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
वर्ष 2016 में हुई थी कार्रवाई
मामले के अनुसार स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) जोधपुर इकाई ने 15 जुलाई 2016 को खाजूवाला के ग्राम 20 बीडी बस स्टैंड पर कार्रवाई करते हुए बाइक सवार नीटू और गिरधारीराम को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 5.073 किलोग्राम अफीम बरामद की गई थी।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जांच एजेंसी को बताया था कि वे यह अफीम जयप्रकाश शर्मा और आत्माराम के निर्देश पर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जा रहे थे। इसके बाद एनसीबी ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करते हुए विशेष अदालत में चालान पेश किया था।
कोर्ट ने दो आरोपियों को माना दोषी
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने खाजूवाला निवासी नीटू तथा नागौर निवासी गिरधारीराम को दोषी माना। अदालत ने दोनों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माना जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दो आरोपियों को मिला संदेह का लाभ
वहीं, मामले में नामजद जयप्रकाश शर्मा और आत्माराम के खिलाफ पर्याप्त एवं ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं हो पाने के कारण अदालत ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
बॉर्डर क्षेत्र में नशा तस्करी पर सख्त संदेश
एनडीपीएस कोर्ट का यह फैसला बॉर्डर क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में सख्त कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। अदालत के इस निर्णय से स्पष्ट संदेश गया है कि मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोर दंड दिया जाएगा।