सरकारी आवासों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, पहले दिन 11 आवास कब्जामुक्त, दो का सामान जब्त

छतरगढ़ | Rkhabar
जल संसाधन विभाग ने सरकारी आवासों पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ मंगलवार को बड़ा अभियान चलाया। एसडीएम पवन कुमार के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई में विभाग, राजस्व प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने पहले दिन 11 सरकारी आवास कब्जाधारियों से मुक्त कराए, जबकि दो लोगों का घरेलू सामान जब्त किया गया। इस दौरान कई लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए अतिरिक्त समय देने की मांग भी की।
सुबह से देर शाम तक चले अभियान के दौरान दर्जनों सरकारी आवासों पर विभाग की ओर से सरकारी संपत्ति होने के नोटिस चस्पा किए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि दोबारा अवैध कब्जा करने पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर तहसीलदार कमलेश सिंह महेरियां, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता बजरंग लाल, कनिष्ठ अभियंता रमेश कुमार, एएसआई रामचरण मीणा, काशीराम कसवां, राजेश कुमार, पटवारी नवनीत कुमार सुथार, राजस्व रीडर शिवपाल सिंह भाटी सहित विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कार्रवाई के दौरान कुछ प्रभावित लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कुछ दिनों की अतिरिक्त मोहलत देने की मांग रखी। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कब्जाधारियों को पहले ही 15 दिन का नोटिस जारी कर मकान खाली करने के निर्देश दिए जा चुके थे। कुछ लोगों द्वारा लिखित आश्वासन देने पर सीमित समय की राहत भी दी गई थी, लेकिन नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद अब कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। विभाग ने बताया कि अभियान शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता सांवरमल मीणा ने कहा कि सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराना विभाग की प्राथमिकता है। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद पुलिस बल और आवश्यक मशीनरी के साथ यह अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी कब्जाधारियों से समान रूप से आवास खाली कराए जाएंगे।
वहीं कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासन पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि गरीब परिवारों को तत्काल बेदखल किया जा रहा है, जबकि प्रभावशाली और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों को अतिरिक्त समय दिया गया है। इस पर अधिशासी अभियंता ने कहा कि विभाग सभी के साथ समान व्यवहार कर रहा है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। सरकारी आवास हर हाल में कब्जामुक्त कराए जाएंगे।