पाकिस्तान से ड्रोन ड्रॉपिंग कर हथियार मंगाने वाले तीन डिलीवरी मैन गिरफ्तार, दो बार पहुंचे थे खाजूवाला बॉर्डर

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बीकानेर/खाजूवाला | Rkhabar

बीकानेर पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन ड्रॉपिंग के जरिए भेजे गए हथियारों की तस्करी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन डिलीवरी मैन को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने पहले खाजूवाला बॉर्डर की रेकी की और बाद में हथियारों की खेप लेने भी पहुंचे, लेकिन ड्रोन तकनीकी खराबी के कारण निर्धारित स्थान की बजाय दूसरी जगह गिर जाने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।

पुलिस जांच के अनुसार 22 फरवरी को पाकिस्तान से करीब 17.50 किलोग्राम वजनी ड्रोन के जरिए चीन निर्मित 5 पिस्टल और 325 कारतूस भारतीय सीमा में भेजे गए थे। तकनीकी खराबी के चलते ड्रोन खाजूवाला बॉर्डर से करीब दो किलोमीटर दूर चक 24 केएनडी स्थित सरसों के खेत में गिर गया था, जिसे बीएसएफ और पुलिस ने बरामद कर लिया था।

मामले की जांच कर रही सहायक पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) अनुष्ठा कालिया ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में फाजिल्का (पंजाब) निवासी करण सिंह, गुरकीरत सिंह तथा श्रीगंगानगर के घड़साना निवासी अवतार सिंह को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी तस्करी के मास्टरमाइंड सुखविंद्र रायसिख उर्फ सोनू के लिए काम कर रहे थे। सुखविंद्र को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।

जांच में सामने आया कि सुखविंद्र के कहने पर आरोपियों ने पहले खाजूवाला बॉर्डर की रेकी की थी और 22 फरवरी को हथियारों की खेप लेने भी पहुंचे थे। हालांकि ड्रोन गलत स्थान पर गिरने और पकड़े जाने के डर से वे बिना हथियार लिए लौट गए। पुलिस ने बताया कि करण सिंह और गुरकीरत सिंह के खाजूवाला बॉर्डर पहुंचने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अवतार सिंह की भूमिका की भी जांच जारी है।

एएसआई बाबूलाल यादव, महावीर सिंह और कांस्टेबल हरफूल की टीम ने करण सिंह और गुरकीरत सिंह को पंजाब से तथा अवतार सिंह को श्रीगंगानगर से गिरफ्तार किया। अब तक इस मामले में चार आरोपियों को नामजद कर गिरफ्तार किया जा चुका है।

जेल से चला रहा था पूरा नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी सुखविंद्र उर्फ सोनू, जो हेरोइन तस्करी के मामले में पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद था, वहीं से मोबाइल फोन के जरिए पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में रहकर हथियार और नशे की तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। प्रोडक्शन वारंट पर लाए जाने के दौरान जेल में तलाशी लेने पर उसके पास से मोबाइल भी बरामद हुआ।

पुराने मामलों की भी होगी जांच

बीकानेर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि ड्रोन ड्रॉपिंग से जुड़े इस पूरे मॉड्यूल की गहनता से जांच की जा रही है। मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बीकानेर और श्रीगंगानगर में पिछले वर्षों के ड्रोन ड्रॉपिंग से जुड़े लंबित मामलों की भी दोबारा जांच की जाएगी, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।

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