सर्वदलीय बैठक में TMC के 20 बागी सांसदों को बुलाने पर बवाल, विपक्ष के वॉकआउट के बाद केंद्र सरकार ने दी सफाई

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नई दिल्ली | Rkhabar.com

संसद के मानसून सत्र से पहले रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को आमंत्रित किए जाने पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। बैठक शुरू होते ही INDIA गठबंधन के कई दलों ने इसका विरोध करते हुए वॉकआउट कर दिया। विवाद बढ़ने पर केंद्र सरकार ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इन सांसदों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

सरकार ने बताया बुलाने का कारण

संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से अलग दल के रूप में मान्यता और अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। ऐसे में उन्हें सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित करना उचित था ताकि संसद का कामकाज सुचारु रूप से चल सके।

सरकार के अनुसार, इन सांसदों को उनके फ्लोर लीडर और चीफ व्हिप की हैसियत से बैठक में बुलाया गया।

NCPI में हुए शामिल

टीएमसी छोड़ने वाले 20 सांसद नेशनल सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने दल-बदल कानून से जुड़े कानूनी विवादों से बचने के लिए इस पार्टी में विलय का रास्ता चुना। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से अलग बैठने की व्यवस्था भी मांगी थी, जिसे मंजूरी मिल चुकी है, जबकि अलग दल के रूप में मान्यता का मामला अभी विचाराधीन है।

विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध

सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, आम आदमी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) समेत INDIA गठबंधन के कई दलों ने विरोध दर्ज कराते हुए कुछ समय के लिए वॉकआउट किया।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि NCPI को अभी तक आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है, इसलिए उसे अलग राजनीतिक दल मानकर बैठक में बुलाना उचित नहीं है।

वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का अंतिम फैसला आने से पहले इन सांसदों को अलग पार्टी के रूप में बुलाना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के 20 सांसदों ने पार्टी नेतृत्व से मतभेद के चलते अलग होने का फैसला किया। इनमें कई वरिष्ठ सांसद भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने NCPI में शामिल होकर अलग संसदीय पहचान की मांग की।

अब इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला लोकसभा अध्यक्ष के स्तर पर लंबित है। ऐसे में सर्वदलीय बैठक में इन सांसदों की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।

मुख्य बातें

  • संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक।
  • TMC के 20 बागी सांसदों को बुलाने पर विपक्ष का विरोध।
  • INDIA गठबंधन के कई दलों ने बैठक से किया वॉकआउट।
  • केंद्र सरकार ने कहा— सांसदों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
  • NCPI को अलग दल के रूप में मान्यता का मामला अभी लोकसभा अध्यक्ष के पास लंबित है।

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