राजस्थान: 4 बहनों का इकलौता भाई और 2 मासूमों का पिता स्कूल में फंदे से लटका मिला, घटना के वक्त रिकॉर्ड रूम में लगी थी आग

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पाली। शहर के टैगोर नगर स्थित एक निजी स्कूल में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब स्कूल परिसर में आग लगने के बाद वहां कार्यरत बाबू (अकाउंटेंट) का शव फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान टैगोर नगर निवासी राघवेंद्र शर्मा (34) पुत्र स्वर्गीय एसएन शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से करीब 20 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

स्कूल से उठता धुआं देख लोगों ने दी सूचना:-

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह स्कूल परिसर से धुआं उठता देख स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग को सूचना दी। एहतियात के तौर पर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने स्कूल के रिकॉर्ड रूम में लगी आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया।

आग में रिकॉर्ड रूम में रखे दस्तावेज, महत्वपूर्ण फाइलें और सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर जलकर नष्ट हो गया। आग बुझाने के दौरान जब दमकलकर्मी स्कूल के मुख्य हॉल में पहुंचे तो वहां राघवेंद्र का शव रेलिंग से लटका मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

मौके से मिला 20 पेज का सुसाइड नोट:-

सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। तलाशी के दौरान मृतक के पास से 20 पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नोट में स्कूल प्रशासन और कुछ स्टाफ सदस्यों पर मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बताया जा रहा है कि राघवेंद्र पिछले छह-सात वर्षों से स्कूल में कार्यरत था। पहले वह शिक्षक के रूप में नियुक्त हुआ था, बाद में उसे कार्यालय और अकाउंट्स से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी। बुधवार रात वह कुछ जरूरी काम का हवाला देकर स्कूल में ही रुका था।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़:-

गुरुवार सुबह घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद परिवार के सदस्य स्कूल पहुंचे, जहां घटना की जानकारी मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया।

राघवेंद्र चार बहनों का इकलौता भाई था। वर्ष 2019 में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। वह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र, एक पुत्री और अन्य परिजनों को छोड़ गया है।

एफएसएल टीम जुटी जांच में:-

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया है। रिकॉर्ड रूम में लगी आग और सुसाइड के बीच किसी संबंध की संभावना सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और सुसाइड नोट के परीक्षण के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल शव को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।