बीकानेर: निर्माण कार्य के दौरान जमीन से निकले 1400 जिंदा कारतूस, इलाके में मचा हड़कंप

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बीकानेर: निर्माण कार्य के दौरान जमीन से निकले 1400 जिंदा कारतूस, इलाके में मचा हड़कंप

बीकानेर। जिले के महाजन कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान खुदाई में रेत के नीचे दबे करीब 1400 जिंदा कारतूस मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर महाजन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कारतूसों को जब्त कर क्षेत्र को सुरक्षित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्मी इंटेलिजेंस की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है।

ये है पूरा मामला:-

जानकारी के अनुसार शनिवार को अस्पताल परिसर में जमीन समतल करने के लिए ट्रैक्टर से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर के हुक में एक प्लास्टिक का बैग फंस गया। मजदूरों ने बैग खोलकर देखा तो उसमें भारी मात्रा में जिंदा कारतूस भरे हुए थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

महाजन थाना प्रभारी भजनलाल के अनुसार बरामद कारतूस एसएलआर (SLR) के प्रतीत हो रहे हैं। लंबे समय से जमीन में दबे रहने के कारण अधिकांश कारतूसों पर जंग लग चुकी है और वे उपयोग योग्य नहीं हैं। यह बैग यहां कब और किसने छिपाया, इसका फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आर्मी इंटेलिजेंस ने की प्रारंभिक जांच:-

अस्पताल परिसर में लैब निर्माण के दौरान मिले करीब 1400 जिंदा कारतूसों की सूचना पर पुलिस के साथ महाजन फील्ड फायरिंग रेंज से आर्मी इंटेलिजेंस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में कारतूस काफी पुराने बताए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये सेना के अभ्यास के दौरान यहां रह गए हों और समय के साथ मिट्टी में दब गए हों। आर्मी इंटेलिजेंस ने कारतूसों की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी है।

पहले भी मिल चुके हैं विस्फोटक:-

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी महाजन क्षेत्र में कंवरसेन लिफ्ट नहर के किनारे और आसपास जिंदा बम मिल चुके हैं। गत वर्ष नहर किनारे दो बम मिलने पर उन्हें सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कराया गया था। इससे पहले बाड़मेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर जिलों में भी जमीन में दबे बम बरामद हो चुके हैं, जिन्हें सेना ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया था।