बीकानेर: मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने देशवासियों से मांगी सार्वजनिक माफ़ी, जानें किस बात से हैं आहत?

post 513 (1)

बीकानेर। देशभर में चर्चित रहे नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बड़ा बयान दिया है। बीकानेर दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक पूरे प्रशासनिक और परीक्षा प्रबंधन तंत्र की विफलता थी। उन्होंने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर थी, उन्हीं में शामिल कुछ लोगों ने सिस्टम के साथ विश्वासघात किया, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा।

सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री खर्रा ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी से छात्रों को जो मानसिक परेशानी हुई, उसके लिए वे केंद्र और राज्य सरकार की ओर से युवाओं से क्षमा मांगते हैं। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी और सीबीआई लगातार कार्रवाई कर रही हैं तथा दोषियों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि युवाओं का विश्वास कायम रहे।

विकास कार्यों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं के आर्थिक रूप से मजबूत होने पर ही क्षेत्रीय विकास को गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थानीय निकायों के राजस्व स्रोत बढ़ाने, वित्तीय प्रबंधन को पारदर्शी बनाने और आधारभूत सुविधाओं में सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है।

आगामी नगरीय निकाय और पंचायतीराज चुनावों को लेकर मंत्री ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम तय करना राज्य निर्वाचन आयोग का अधिकार क्षेत्र है। वहीं, ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रक्रिया राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा की जा रही है। आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद चुनावी प्रक्रिया को लेकर आगे का रास्ता स्पष्ट होगा।

बीकानेर प्रवास के दौरान मंत्री खर्रा ने अधिकारियों के कामकाज को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी जनता की समस्याओं की अनदेखी करता है या विकास कार्यों में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी शिकायतें तथ्यों सहित सामने रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के कार्यों में ढिलाई, भ्रष्टाचार या अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।