राजस्थान यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी में नहीं मिला ठंडा पानी; छात्रों ने HOD के कमरे से बाहर निकाला फ्रिज; पढ़े खबर

जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में भीषण गर्मी के दौरान छात्रों को ठंडा पानी उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा मंगलवार को विवाद का कारण बन गया। शिकायत मिलने के बाद छात्र नेता शुभम रेवाड़ के नेतृत्व में कई छात्र लाइब्रेरी पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। विरोध के दौरान छात्रों ने लाइब्रेरी के विभागाध्यक्ष राजेश पूनिया के केबिन में रखा डबल डोर फ्रिज बाहर निकलवाकर गैलरी में रख दिया, ताकि छात्र उसका उपयोग कर सकें।
छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी अपने कमरों में एसी, कूलर और ठंडे पानी जैसी सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं, जबकि छात्र गर्मी में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था के अभाव में परेशान हो रहे हैं। इस दौरान छात्रों ने लाइब्रेरी परिसर में नारेबाजी करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि लाइब्रेरी में वॉटर कूलर और ठंडे पानी की व्यवस्था जल्द बहाल नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से कुलपति सचिवालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेंगे। छात्रों ने इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही को लेकर जमकर नारेबाजी की।
गौरतलब है कि सेंट्रल लाइब्रेरी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं। मौके पर मौजूद कई छात्र-छात्राओं ने भी गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि भीषण गर्मी में घंटों बैठकर पढ़ाई करना पहले से चुनौतीपूर्ण है, ऐसे में ठंडे पानी और बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशानी और बढ़ रही है।
छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर के कई विभागों में कक्षाओं की स्थिति भी खराब है। उनका आरोप है कि कुछ कमरों की छतों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों में डर का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि इंजीनियरिंग विंग को कई बार मरम्मत की मांग से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ।
दूसरी ओर, कुछ कर्मचारियों ने भी सरकारी क्वार्टरों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि मानसून के दौरान कई आवासों में रहना जोखिम भरा महसूस होता है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे आवास किराया वसूला जाता है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं और रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं है।