राजस्थान सरकार ने बदले 9 साल पुराने नियम, होटल-रेस्टोरेंट में स्टार रेटिंग खत्म

राजस्थान सरकार ने बदले 9 साल पुराने नियम, होटल-रेस्टोरेंट में स्टार रेटिंग खत्म
स्वायत्त शासन विभाग ने शहरी निकायों के अधिकार क्षेत्र के होटल-रेस्टोरेंट के लिए वार्षिक लाइसेंस फीस की दरों में बड़ा बदलाव किया। नए आदेश के तहत होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, मिठाई की दुकान, जिम, ब्यूटी पार्लर और मोबाइल फूड वैन सहित 18 श्रेणियों की नई वार्षिक फीस में 2 से 5 गुना तक वृद्धि कर दी। इसमें एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। 9 साल पुराने नियम में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने वर्ष 2017 से चले आ रहे होटल स्टार रेटिंग (फाइव स्टार, फोर स्टार, थ्री स्टार) के आधार पर लाइसेंस फीस वसूलने के सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर दिया। अब शहरों में होटल चलाने के लिए स्टार श्रेणी नहीं, बल्कि कमरों की संख्या और वहां मौजूद लग्जरी सुविधाओं (स्विमिंग पूल, जिम, स्पा) को आधार बनाया है। नगर निगम क्षेत्र में किसी होटल में 50- 100 कमरे हैं तो उसे 50 हजार रुपए वार्षिक देने होंगे। अगर लग्जरी सुविधाओं के साथ लाइसेंस लेना है तो 75 हजार रुपए वार्षिक देने होंगे। होटल संचालकों का कहना है कि पर्यटन उद्योग पहले से ही बिजली की बढ़ती दरों, विभिन्न टैक्स और संचालन लागत से दबा हुआ है। ऐसे में लाइसेंस फीस को अचानक 3 से 5 गुना तक बढ़ा देना कहीं से भी व्यावहारिक नहीं है। एक तरफ सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर व्यापारियों की कमर तोड़ी जा रही है। इससे नए निवेश और रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा।