क्या फिर छिड़ेगी जंग? अमेरिका ने ईरान की नौसेना से निपटने के लिए तैनात किए अपाचे हेलीकॉप्टर

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए छह ईरानी तेज रफ्तार नावों को नष्ट करने का दावा किया है। CENTCOM के अनुसार ये नावें समुद्री क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा बन रही थीं। इस ऑपरेशन में अमेरिकी नौसेना के Sea Hawk और Apache अटैक हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। X (पूर्व Twitter) पर जारी बयान में CENTCOM ने कहा कि क्षेत्र में चल रहे अभियानों के दौरान इन नावों को निष्क्रिय किया गया।
‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत अभियान जारी:-
यह कार्रवाई ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ मिशन का हिस्सा बताई जा रही है, जिसका उद्देश्य होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करना है। CENTCOM के मुताबिक इस अभियान में 100 से ज्यादा विमान तैनात हैं, जो जमीनी ठिकानों और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद दो अमेरिकी विमानवाहक पोतों से संचालित हो रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू इस मिशन के तहत अब तक दो अमेरिकी ध्वज वाले व्यापारी जहाज सैन्य सुरक्षा के साथ इस मार्ग को पार कर चुके हैं।
ईरानी दावों का खंडन:-
CENTCOM ने ईरानी मीडिया की उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें एक अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल हमले का दावा किया गया था। कमांड ने स्पष्ट किया कि किसी भी अमेरिकी नौसेना जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी पोत सुरक्षित व पूरी तरह सक्रिय हैं।
ईरानी रिपोर्ट्स में कहा गया था कि जास्क के पास एक अमेरिकी फ्रिगेट को IRGC की चेतावनी के बाद पीछे हटना पड़ा, लेकिन CENTCOM ने इन दावों को गलत बताया।
ट्रंप बोले—‘मिनी वॉर’ में मिल रही सफलता:-
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई को सफल बताया है। व्हाइट हाउस में नेशनल स्मॉल बिजनेस वीक के दौरान उन्होंने कहा कि यह अभियान बड़े खतरे को टालने के लिए जरूरी था और ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है। उन्होंने इसे सीमित लेकिन प्रभावी अभियान बताते हुए ‘मिनी वॉर’ की संज्ञा दी और कहा कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्य हासिल कर रही है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव:-
इस बीच ईरान ने अमेरिका और UAE के बीच समुद्री इलाके में एक नया ‘स्मार्ट कंट्रोल जोन’ घोषित किया है, जिसे इस अभियान के लिए चुनौती माना जा रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात ने अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के एक टैंकर पर हालिया हमले की कड़ी निंदा की है और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया है।
वैश्विक असर की आशंका:-
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डाल सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बनी हुई है।