डेढ़ करोड़ रुपए की जमीन का मुआवजा नहीं मिला तो वृद्ध दंपती ने जहर खाकर दे दी जान

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डेढ़ करोड़ रुपए की जमीन का मुआवजा नहीं मिला तो वृद्ध दंपती ने जहर खाकर दे दी जान
भरतपुर। डीग जिले के जुरहरा थाना क्षेत्र के बमनवाड़ी गांव में गृह क्लेश और आर्थिक नुकसान से परेशान बुजुर्ग दंपती ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। घटना देर रात करीब 2 बजे की है, जब 70 वर्षीय रामप्रसाद और उनकी 67 वर्षीय पत्नी रामवती ने अपने घर में ही जहर का सेवन कर लिया। जहर खाने के बाद दोनों की हालत बिगड़ने लगी और उनकी चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे। आनन-फानन में परिजन दोनों को जुरहरा अस्पताल लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें भरतपुर रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान देर रात ही दोनों की मौत हो गई। जुरहरा थाने के एएसआई रमेश चंद के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना से पहले दंपती के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। दोनों एक ही कमरे में सो रहे थे, जबकि उनके बेटे अपने-अपने परिवार के साथ अलग कमरों में थे।

परिजनों के अनुसार दंपती पिछले कुछ समय से आर्थिक नुकसान और अनिश्चितता के कारण मानसिक तनाव में थे। उनके बेटे रोहताश ने बताया कि करीब तीन साल पहले पिता रामप्रसाद और मां रामवती ने नौगांव रोड पर 36 लाख रुपए में एक प्लॉट खरीदा था। बीते छह महीने में उस प्लॉट की कीमत बढ़कर करीब डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी। लेकिन वहां सड़क चौड़ीकरण की जद में आने से पूरा प्लॉट अधिग्रहण में चला गया। इसके बावजूद अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला, जिससे दोनों गहरे सदमे में थे। झगड़े के दौरान ही दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। जहर खाने के कुछ समय बाद जब उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्होंने शोर मचाया, तब परिवार के अन्य सदस्यों को घटना का पता चला। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस के अनुसार मामले की सूचना मिलने के बाद पंचनामा की कार्रवाई की गई। हालांकि, परिजन दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर घर ले गए। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।