पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया को लेकर सोशल मीडिया पर धमकी भरा पोस्ट, महाराणा प्रताप को लेकर दिया था बयान; पढ़े पूरी खबर
पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया को लेकर सोशल मीडिया पर धमकी भरा पोस्ट, महाराणा प्रताप को लेकर दिया था बयान; पढ़े पूरी खबर
Rajasthan News: पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया को लेकर क्षत्रिय करणी सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत द्वारा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। यह पोस्ट 22 दिसंबर को गोगुंदा में आयोजित एक शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप को लेकर राज्यपाल कटारिया के दिए गए बयान के बाद की गई।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में राज्यपाल के खिलाफ अभद्र और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। पोस्ट करने वाला खुद को डॉ. राज शेखावत बताते हुए गुजरात का निवासी बताया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की ओर से अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उदयपुर प्रवास के दौरान पत्रिका ने उनसे प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
कटारिया का बयान हुआ वायरल:-
गोगुंदा की धूली घाटी में एक कार्यक्रम में 22 दिसंबर को कटारिया ने कहा, महाराणा प्रताप का नाम आप कांग्रेस के राज में सुनते थे? इस महाराणा प्रताप को पहली बार जिंदा करने का काम जनता पार्टी ने किया। पहली बार भूरा भाई एमएलए बनकर आए थे और पहली बार विधानसभा में सरकार बनाई थी। तब हमने विकास का पैसा गोगुंदा में भेजा था या नहीं?
अब हल्दीघाटी भी जानी जाती है, पोखरगढ़ भी जाना जाता है और चावंड भी। मायरे की गुफा थी कि नहीं? तुम्हें इतने साल दिखती थी? वहां तक पहुंचने के लिए सड़क बनाई। उदय सिंहजी की छतरी यहां बनाई। इस बात को कौन याद रखता है?
हम लोगों का काम करने का तरीका जनता के लिए है, हमारे लिए नहीं है। आपका पैसा आप तक पहुंचाते हैं। उन्होंने बीएपी पर भी निशाना साधा। बोले, वो कहते हैं कि हिंदू नहीं हैं। तो तू कहां से आया रे, महाराणा प्रताप की सेना में? अगर तू यहां का आदिवासी नहीं होता, भीलू राणा नहीं होता तो क्या राणा युद्ध लड़ सकता था?
पुलिस का बयान:-
इस पूरे मामले पर उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने कहा कि संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को लेकर इस तरह की भाषा गंभीर है और कानून सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल के बयान का वीडियो अधूरा और संदर्भ से अलग वायरल किया गया है। पूरा वीडियो देखने पर स्पष्ट होता है कि टिप्पणी बीएपी के संदर्भ में की गई थी।