राजस्थान में तेजी से बढ़ रहा ये नया क्राइम, पुलिस को जारी करनी पड़ गई एडवाइज़री
राजस्थान में तेजी से बढ़ रहा ये नया क्राइम, पुलिस को जारी करनी पड़ गई एडवाइज़री
Cyber Crime: घर बैठे कमाई का झांसा देकर लोगों को ठगने वाला एक बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है। महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने ‘कैप्चा सॉल्विंग जॉब’ के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह खासतौर पर बेरोजगार युवाओं और गृहिणियों को निशाना बना रहा है।
उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम विकास शर्मा के अनुसार, ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर आकर्षक विज्ञापन जारी करते हैं। इनमें दावा किया जाता है कि घर बैठे सिर्फ कैप्चा कोड भरकर हर महीने हजारों रुपये कमाए जा सकते हैं। कम मेहनत में ज्यादा कमाई का लालच देकर लोगों को फंसाया जाता है।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगी:-
झांसे में आए व्यक्ति को फर्जी जॉब एग्रीमेंट भेजा जाता है, जिससे पूरा प्रोसेस वैध लगे। इसके बाद सॉफ्टवेयर फीस, ट्रेनिंग चार्ज या सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर रकम वसूली जाती है। विश्वास दिलाने के लिए फर्जी पहचान पत्र और नकली ऑफिस एड्रेस तक साझा किए जाते हैं।
टार्गेट का जाल, पेमेंट से इनकार:-
फीस लेने के बाद पीड़ित को एक ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन दिया जाता है, जहां कम समय में भारी संख्या में कैप्चा भरने का लक्ष्य तय किया जाता है। काम पूरा करने के बावजूद भुगतान मांगने पर गलतियों का हवाला देकर रकम रोक ली जाती है। कई मामलों में पेमेंट रिलीज करने के लिए अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस या टैक्स की मांग की जाती है। पैसे मिलते ही ठग संपर्क तोड़ देते हैं।
साइबर पुलिस की अपील:-
राजस्थान साइबर पुलिस ने नागरिकों को सावधान करते हुए कहा है—
- किसी भी जॉब के लिए एडवांस फीस न दें।
- अत्यधिक लाभ के दावों पर तुरंत भरोसा न करें।
- कंपनी की विश्वसनीयता जांचने के लिए ऑनलाइन रिव्यू और आधिकारिक वेबसाइट की पुष्टि करें।
शिकायत कैसे करें:-
ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। इसके अलावा 9256001930 या 9257510100 पर संपर्क किया जा सकता है। ऑनलाइन शिकायत www.cybercrime.gov.in पर दर्ज की जा सकती है।