इन स्कूलों को किया जाएगा मर्ज, ये वजह आई सामने, पढ़े खबर
इन स्कूलों को किया जाएगा मर्ज, ये वजह आई सामने, पढ़े खबर
बीकानेर। राज्य में प्रारंभिक शिक्षा के प्राथमिक तथा माध्यमिक स्कूलों में शून्य अथवा कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को दूसरे नजदीकी स्कूलों में मर्ज करने की कवायद की जा रही है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने सभी प्रारंभिक शिक्षा के जिला शिक्षा अधिकारियों को 23 मार्च 2026 को जयपुर बुलाया है। उनसे अपने जिलों में 15 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक तथा 25 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सूची और उसके निकट दूसरे सुरक्षित भवन वाले स्कूल जिसमें इन स्कूलों को मर्ज किया जा सके उनकी सूची के साथ आने को कहा है।
राज्य में जहाँ एक ओर हजारों स्कूलों में छात्र संख्या बेहद कम है, वहीं दूसरी ओर कई स्कूलों में क्षमता से अधिक छात्र हैं। शिक्षक कम हैं। विभाग द्वारा कवायद की जा रही है कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को पास के स्कूलों में मर्ज कर दिया जाए ताकि इन स्कूलों के बालक नए स्कूलों में जाकर पढ़ाई करें। मर्ज होने वाले स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अन्य आवश्यकता वाले स्कूलों में भेजा जा सकेगा। बीकानेर निदेशालय द्वारा भेजे गए निर्देशों के साथ ऐसे स्कूलों की सूची भी संलग्न कर जारी की गई है। बताया जाता है कि लगभग 7000 स्कूल चिन्हित किए गए हैं जिनमें छात्र संख्या 15 से कम अथवा 25 से कम है। पिछले दो वर्षों में शून्य अथवा न्यून छात्र संख्या वाले 405 स्कूलों को पास के स्कूलों में मर्ज किया जा चुका है।
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ का कहना है कि हर वर्ष प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने पर अगले महीने ही छात्र संख्या शून्य अथवा न्यून होने तथा उन्हें मर्ज करने वाले स्कूलों के नाम और वहां कार्यरत स्टाफ को सरप्लस मानकर अन्यत्र आवश्यकता वाले स्कूलों में लगाने का कैलेंडर जारी किया जाना चाहिए। ऐसा कैलेंडर तथा स्थाई निर्णय नहीं होने के कारण जुलाई 2025 में मर्ज किए गए स्कूलों का सरप्लस स्टाफ बिना काम के वेतन ले रहा है।