राजस्थान में प्रसिद्ध मठ के मठाधीश की संदिग्ध मौत, कुंड में मिला शव, सुसाइड या कुछ और? जांच में जुटी पुलिस

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Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। झाक गांव स्थित प्राचीन मठ के मठाधीश महंत पारसनाथ महाराज (57) का शव गुरुवार सुबह मठ परिसर में बने पानी के टांके (कुंड) में तैरता हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ पहुंचने लगे। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।

सुबह 5 बजे हुआ घटना का खुलासा:-

जानकारी के मुताबिक गुरुवार तड़के करीब 5 बजे इस घटना का खुलासा हुआ। मठ में रहने वाले भक्त रोज की तरह टांके से पानी लेने पहुंचे तो उन्हें अंदर महंत का शव दिखाई दिया। यह देखकर वे घबरा गए और तुरंत गांव के लोगों को इसकी सूचना दी।

हैरानी की बात यह है कि महंत के जूते टांके के बाहर व्यवस्थित तरीके से रखे हुए मिले, जो किसी अनहोनी या स्वेच्छा से उठाए गए कदम की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य:-

घटना की सूचना सुबह करीब 8 बजे पुलिस को दी गई। इसके बाद बाटाडू चौकी और नागाणा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की जांच के लिए एफएसएल और मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (MOB) की टीमों को भी बुलाया गया, जिन्होंने मौके से साक्ष्य जुटाए।

एसपी के अनुसार महंत पिछले कुछ समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज भी चल रहा था। फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या के एंगल से जांच रही है, हालांकि अन्य संभावनाओं को भी पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया गया है।

तीन दशक से कर रहे थे सेवा:-

महंत पारसनाथ महाराज करीब 30 वर्षों से झाक मठ के मठाधीश के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वे धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक कार्यों और गौसेवा के लिए भी जाने जाते थे।

उनके निधन की खबर से झाक और बाटाडू क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा।