SIR Update : राजस्थान में SIR ड्राफ्ट लिस्ट में 45 लाख नाम गायब, डोटासरा का भाजपा पर गंभीर आरोप, पढ़े पूरी खबर
SIR Update : राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने SIR ड्राफ्ट लिस्ट को लेकर बड़ा दावा करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नई दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में विशेष प्रेस वार्ता के दौरान डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान में SIR प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट लिस्ट में करीब 45 लाख मतदाताओं के नाम गायब हैं। डोटासरा ने इसे भाजपा द्वारा की जा रही “वोट चोरी” करार दिया।
डोटासरा ने कहा कि SIR ड्राफ्ट लिस्ट में 45 लाख लोगों को Absent, Shifted और Death की श्रेणी में डाल दिया गया है। इसके लिए 15 जनवरी तक आपत्तियां मांगी गई थीं। उन्होंने दावा किया कि 3 जनवरी तक पूरी प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन इसके बाद भाजपा के संगठन महासचिव बी.एल. संतोष के राजस्थान दौरे के बाद फर्जी तरीके से वोट जोड़ने और काटने का खेल शुरू हुआ।
डोटासरा ने चुनाव आयोग की वेबसाइट के डेटा का हवाला देते हुए बताया कि 17 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच भाजपा ने 937 BLAs के जरिए 211 नाम जोड़ने और 5,694 नाम काटने के आवेदन दिए, जबकि कांग्रेस ने 110 BLAs के माध्यम से केवल 185 नाम जोड़ने और 2 नाम हटाने का आवेदन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम काटने की साजिश कर रहे हैं।
उन्होंने झुंझुनू, मंडावा, उदयपुरवाटी और खेतड़ी विधानसभा क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों फॉर्म-7 जमा किए गए, जबकि नियम के अनुसार एक BLA एक दिन में सिर्फ 10 फॉर्म ही दे सकता है। इसके बावजूद 13, 14 और 15 जनवरी को हजारों नाम काटे गए और करीब 1.40 लाख फॉर्म रजिस्टर भी करवा दिए गए।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा के विधायक, मंत्री और प्रत्याशी फर्जी BLAs के हस्ताक्षर कर अधूरे फॉर्म SDM कार्यालयों में जमा करा रहे हैं। कई BLAs ने मीडिया के सामने आकर कहा है कि फॉर्म पर उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं और कई फॉर्म में मोबाइल नंबर तक दर्ज नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी नवीन महाजन से मुलाकात कर फर्जीवाड़े की जानकारी दी है। डोटासरा ने कहा कि अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे नौकरी बचाने के लिए भाजपा के फॉर्म स्वीकार करें।
डोटासरा ने कहा कि 45 लाख लोगों को ASD श्रेणी में डाल दिया गया है, जिससे वे दस्तावेज दिखाए बिना वोट नहीं दे सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा SIR के नाम पर लोकतंत्र को कमजोर करने और चुनावी प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रही है।


