Rajasthan: पेपर लीक मामले में राजस्थान में सियासी घमासान, कांग्रेस-भाजपा ने एक दूसरे पर लगाए आरोप
Rajasthan: पेपर लीक मामले में राजस्थान में सियासी घमासान, कांग्रेस-भाजपा ने एक दूसरे पर लगाए आरोप
Rajasthan News: प्रदेश में पेपर लीक प्रकरण को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा से जेल में किरोड़ी लाल मीणा की मुलाकात और इसके बाद मंत्री द्वारा भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र ने विवाद को और तेज कर दिया है। सत्तारूढ़ दल ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कटारा के बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में सामने आए तथ्यों और बयानों से प्रतीत होता है कि उस समय भ्रष्टाचार चरम पर था। उनका आरोप है कि कांग्रेस शासन में आंतरिक खींचतान चल रही थी और ऐसे में मौजूदा सरकार पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पलटवार करते हुए कहा कि कमजोर पैरवी के कारण बाबूलाल कटारा को राहत मिली। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार ने मामले में सख्ती दिखाई थी, लेकिन वर्तमान सरकार की कार्रवाई और बयानों में विरोधाभास नजर आता है।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पेपर लीक की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे युवाओं के अधिकारों पर सीधा प्रहार हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से परीक्षाएं कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इधर कांग्रेस विधायक दल के सचेतक रफीक खान ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ढीली पैरवी के कारण आरोपियों को जमानत मिली। उनका कहना है कि कार्रवाई पिछली सरकार के दौरान शुरू हुई थी और आरोपियों की गिरफ्तारी भी उसी समय हुई, लेकिन मौजूदा सरकार की कमजोर पैरवी से उन्हें राहत मिली। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की जेल मुलाकात को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।