Rajasthan: रहस्यमयी बीमारी का कहर, 7 दिन में 7 बच्चों की मौत, जांच तेज

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Rajasthan: उदयपुर जिले के सलूम्बर क्षेत्र के घाटा और लालपुरा गांवों में रहस्यमयी बीमारी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को दो और बच्चों की मौत हो गई, जिससे पिछले सात दिनों में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। चिकित्सा विभाग अभी तक मौत के सटीक कारणों का खुलासा नहीं कर पाया है, हालांकि एक मामले में उल्टी के बाद तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। मृतकों में एक दो माह की मासूम बच्ची भी शामिल है।

विशेषज्ञ टीमों का डेरा, घर-घर सर्वे:-

राज्य सरकार के निर्देश पर जयपुर और उदयपुर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें प्रभावित गांवों में डेरा डाले हुए हैं। अब तक 429 परिवारों का सर्वे किया गया है, जिसमें 17 नए बच्चे बीमार पाए गए हैं। इनमें हल्के बुखार के लक्षण मिले हैं। प्राथमिक जांच के बाद 8 बच्चों को भर्ती किया गया, जिनमें से 5 को उदयपुर के बाल चिकित्सालय रेफर किया गया है।

उल्टी, दौरे और बेहोशी जैसे लक्षण:-

प्रारंभिक जांच में बच्चों में उल्टी, ताण (दौरे), और बेहोशी जैसे लक्षण सामने आए हैं। चिकित्सा विभाग ने एक मृतक सहित 18 बच्चों के ब्लड सैंपल लेकर न्यूरो पैनल (दिमागी बुखार) की जांच करवाई, लेकिन सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। इससे बीमारी को लेकर रहस्य और गहरा गया है। अब जांच टीमें दवाओं के साइड इफेक्ट, फूड पॉइजनिंग या किसी अन्य संक्रमण की आशंका पर भी जांच कर रही हैं।

मंगलवार को दो और मासूमों की मौत:-

सीएमएचओ डॉ. महेंद्र कुमार परमार के अनुसार, मंगलवार सुबह आमलोदा निवासी 4.5 वर्षीय बच्चे को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने बताया कि उल्टी के बाद उसकी हालत बिगड़ी। वहीं, कालीभीत गांव की 2 माह की बच्ची को भी मृत अवस्था में स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। दोनों मामलों में परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले गए।

जागरूकता की कमी भी बनी कारण:-

चिकित्सकों के अनुसार, कुछ मामलों में इलाज में देरी भी सामने आई है। एक बच्ची को तेज बुखार के बावजूद परिजन घंटों तक स्थानीय देवरे में लेकर बैठे रहे। वहीं, कुछ मरीजों को समय पर सही अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई।

दूरदराज इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौती:-

करीब 550 की आबादी वाले इन पहाड़ी गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी साफ नजर आती है। मरीजों को खाट या कंधों पर उठाकर ऊबड़-खाबड़ रास्तों से मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। साथ ही, मोबाइल नेटवर्क की भी भारी समस्या है।

प्रशासन सतर्क, लोगों से अपील:-

जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, जलदाय और पशुपालन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पानी के सैंपल सहित अन्य जांच की जा रही है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की है कि बच्चों में किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।