Rajasthan: बीजेपी विधायक की नायब तहसीलदार बेटी पर गिरी गाज, फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र मामले में हुई कार्रवाई

Rajasthan: बीजेपी विधायक की नायब तहसीलदार बेटी पर गिरी गाज, फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र मामले में हुई कार्रवाई

राजस्थान के ब्यावर से भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत की नायब तहसीलदार बेटी कंचन चौहान के खिलाफ फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। कंचन चौहान आरएएस-2018 बैच की अधिकारी हैं और भीलवाड़ा जिले के करेड़ा में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात थीं। उन्हें अब एपीओ (अटैच्ड पोस्टिंग ऑर्डर) कर दिया गया है और अगले आदेश तक उन्हें राजस्व मंडल अजमेर में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यह आदेश मंगलवार शाम को जारी हुआ।

शिकायतकर्ता फणीश कुमार सोनी ने 12 अगस्त को मुख्यमंत्री और आरपीएससी को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंचन चौहान ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र लगाकर नियुक्ति हासिल की। उन्होंने कहा कि जांच में आगे महत्वपूर्ण सबूत मिल सकते हैं और सरकार की जांच से संतुष्ट हैं। इसके साथ ही उन्होंने नवोदय स्कूल और उदयपुर यूनिवर्सिटी के दस्तावेजों की जांच की भी मांग की और सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में मेडिकल बोर्ड बनाने की सिफारिश की।

कंचन चौहान ने 2018 में आरएएस परीक्षा दी थी और इंटरव्यू के बाद करीब 600 रैंक हासिल की। इससे पहले 2013 और 2016 में उन्होंने परीक्षा दी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाईं। उनकी पहली पोस्टिंग 27 दिसंबर 2021 को भीलवाड़ा के गुलाबपुरा में हुई थी।

शिकायत के बाद आरपीएससी और एसओजी से जांच करवाई गई। हालांकि, जांच रिपोर्ट अभी राजस्व मंडल को नहीं भेजी गई है। पिछले पांच साल में राजस्व मंडल ने दिव्यांगता प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्त सभी कर्मचारियों की पुनः जांच भी करवाई थी। इस मामले में जिन डॉक्टर ने प्रमाणपत्र जारी किया था, वे स्वैच्छिक सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

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