Rajasthan: एटीएस की बड़ी कार्रवाई, एक लाख का इनामी एमडी ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार, पांच राज्यों में था वांटेड
Rajasthan: एटीएस की बड़ी कार्रवाई, एक लाख का इनामी एमडी ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार, पांच राज्यों में था वांटेड
बाड़मेर। एटीएस और एएनटीएफ की संयुक्त विशेष टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर वांटेड और एक लाख रुपये के इनामी एमडी ड्रग्स तस्कर को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से एमडी ड्रग्स की तस्करी का संगठित नेटवर्क चला रहा था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसियां उसके गिरोह, फैक्ट्रियों और सप्लाई नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ कर रही हैं।
एटीएस महानिदेशक विकास कुमार ने बताया कि एटीएस और एएनटीएफ को पुख्ता सूचना मिली थी कि कुख्यात तस्कर रमेश कुमार उर्फ अनिल उर्फ रामलाल, निवासी नेड़ी नाड़ी, धोरीमन्ना (बाड़मेर) राजस्थान छोड़कर कोलकाता में दोबारा नशे का कारोबार जमाने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद टीम ने उसके हवाई यात्रा रिकॉर्ड खंगाले।
जांच में पता चला कि रमेश जनवरी के पहले सप्ताह में कोलकाता से पुणे गया और दूसरे सप्ताह वापस कोलकाता लौटा। इसी इनपुट के आधार पर टीम कोलकाता पहुंची और कई दिनों की निगरानी के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार रमेश बाड़मेर के सेड़वा, जोधपुर के कुड़ी भगतासनी और सिरोही में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स फैक्ट्रियों का मुख्य सूत्रधार रहा है।
रिश्तेदारों की दुकानों से मिला अहम सुराग:-
जांच में सामने आया कि रमेश सीधे किसी के संपर्क में नहीं रहता था और मोबाइल फोन का भी इस्तेमाल नहीं करता था। उसके रिश्तेदारों की हावड़ा और कोलकाता में स्टीम की दुकानें थीं, जहां उसका आना-जाना बना रहता था। इसके बाद एएनटीएफ ने हावड़ा स्थित एक दुकान को निगरानी में लिया।
मजदूर बनकर की रेकी, खुला राज:-
टीम ने दुकान के पास किराए का कमरा लिया और खुद को राजस्थान से आया मजदूर बताकर वहां काम करने वालों से संपर्क बढ़ाया। बातचीत में पता चला कि रमेश धार्मिक प्रवृत्ति का है और तीर्थ यात्राओं पर जाता रहता है। इसी दौरान उसके गंगासागर जाने की योजना और ट्रैवल एजेंट का नाम सामने आया।
ट्रैवल एजेंट से मिली आखिरी कड़ी:-
एएनटीएफ टीम ने ट्रैवल एजेंट से संपर्क किया और पूछताछ में पता चला कि रमेश का सड़क मार्ग से गंगासागर जाने का टिकट बुक था। एजेंट की पत्नी के रमेश के घर खाना बनाने जाने की जानकारी भी मिली। इन सूचनाओं के आधार पर हावड़ा पुलिस की मदद से आरोपी को उसके ठिकाने से दबोच लिया गया।
केमिस्ट्री टीचर बनकर छिपा था आरोपी:-
रमेश ने कोलकाता में खुद को केमिस्ट्री शिक्षक और केमिकल कारोबारी बताकर पहचान छिपा रखी थी। वह केमिकल फैक्ट्री लगाने की बातें करता था, जिससे आसपास के लोग उसे सम्मानित व्यापारी समझते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लंबे समय से राज्य से बाहर फरार था और कथित प्रायश्चित के नाम पर चारधाम और 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा कर चुका था।
कम लागत, ज्यादा मुनाफा:-
जांच में सामने आया कि रमेश महाराष्ट्र से एमडी बनाने का नया और सस्ता तरीका सीखकर आया था। करीब एक लाख रुपये की लागत से तैयार एक किलो एमडी की बाजार कीमत 30 लाख रुपये तक होती थी।
लंबा आपराधिक इतिहास:-
रमेश ने पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग नामों से अपराध किए। उस पर वाहन चोरी, शराब तस्करी, लूट, मारपीट और अपहरण सहित कई गंभीर मामलों के आरोप हैं। महज 31 साल की उम्र में उस पर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में करीब 36 आपराधिक प्रकरण दर्ज होना सामने आया है। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है।