Khejri Andolan: संतों की तबीयत बिगड़ने पर सरकार हुई सक्रिय, अनशन समाप्त कराने मंत्री केके बिश्नोई बीकानेर पहुंचे
Khejri Andolan: संतों की तबीयत बिगड़ने पर सरकार हुई सक्रिय, अनशन समाप्त कराने मंत्री केके बिश्नोई बीकानेर पहुंचे
बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर में चल रहे ‘खेजड़ी बचाओ आंदोलन’ ने अब सरकार का ध्यान खींचना शुरू कर दिया है। अनशन पर बैठे संतों और आंदोलनकारियों की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया है। सीएम के निर्देश पर गुरुवार को मंत्री केके बिश्नोई बीकानेर पहुंचे और आंदोलन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से संवाद किया।

मंत्री केके बिश्नोई के साथ विधायक पब्बा राम बिश्नोई, जसवंत बिश्नोई और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी बिश्नोई भी मौजूद रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने अनशनरत संतों और पर्यावरण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को सुना और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

मंत्री के सामने अनशनकारी मुखराम हुए अचेत:-
अनशन स्थल पर गोरधन महाराज सभा को संबोधित कर रहे थे, इसी दौरान अनशनकारी मुखराम धरणीया अचानक बेहोश हो गए। वहीं, एक महिला की भी तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को तुरंत मंच के पीछे बने अस्थायी चिकित्सा केंद्र में पहुंचाया। इससे पहले बुधवार को भी अनशनकारी संत लालदास और मांगीलाल की तबीयत खराब होने पर उन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा अनशन:-
पर्यावरण संघर्ष समिति के नेताओं परसराम बिश्नोई, रामगोपाल बिश्नोई और सुभाष बिश्नोई ने साफ कहा कि जब तक सरकार की ओर से मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।

चौथे दिन भी जारी रहा महापड़ाव:-
खेजड़ी संरक्षण और ट्री प्रोटेक्शन कानून लागू करने की मांग को लेकर बीकानेर कलेक्टरेट के सामने चल रहा महापड़ाव गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। महापड़ाव में 29 संतों और 60 महिलाओं सहित कुल 458 पर्यावरण प्रेमी अन्न-जल त्याग कर अनशन पर बैठे हुए हैं।