ईरान के तेल डिपो पर इजरायल का बड़ा हमला, व्हाइट हाउस ने इजरायल को भेजा विवादित संदेश, मच गई खलबली
WTF Message: ईरान और इज़रायल के बीच जारी युद्ध ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इज़रायल ने ईरान के ऊर्जा और तेल सेक्टर को निशाना बनाते हुए कई तेल भंडारों और फ्यूल डिपो पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इस कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि इज़रायली वायुसेना ने ईरान के कई तेल ठिकानों पर बमबारी की, जिससे कई डिपो में भीषण आग लग गई। इस घटनाक्रम का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमतों में अचानक उछाल देखा गया है। इससे निवेशकों और ऊर्जा बाजार से जुड़े देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया:-
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज़्यादा चर्चा व्हाइट हाउस के उस कथित ‘विवादित संदेश’ की हो रही है, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स और एक्सिओस (Axios) के हवाले से यह बात सामने आई है कि जब अमेरिका को हमले के असली पैमाने का अंदाज़ा हुआ, तो उनकी तरफ से इज़रायली अधिकारियों को तीखी प्रतिक्रिया देते हुए “WTF” का संदेश भेजा गया। यह साफ दर्शाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का प्रशासन इस हमले के इतने बड़े स्तर से पूरी तरह अनजान था और अपने सहयोगी के इस एकतरफा कदम से बेहद खफा है।
ऊर्जा संकट की बढ़ी आशंका:-
अमेरिकी प्रशासन की मुख्य चिंता यह है कि तेल भंडारों पर हमले से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। यदि ऊर्जा ठिकानों को बड़े पैमाने पर नुकसान होता है, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।
तेहरान में दिखा भयावह मंजर:-
हमलों के बाद तेहरान और आसपास के क्षेत्रों में तेल डिपो में लगी आग के कारण आसमान में काले धुएं के बड़े गुबार दिखाई दिए। कई स्थानों पर आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक फैलती नजर आईं।
जवाबी कार्रवाई तेज:-
इन हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है और इज़रायल के साथ-साथ उसके सहयोगियों को चेतावनी दी है। इस घटनाक्रम ने पहली बार युद्ध के दौरान अमेरिका और इज़रायल के बीच रणनीतिक मतभेद की चर्चा को भी बढ़ा दिया है।
व्हाइट हाउस का वह छोटा सा लेकिन बेहद तीखा संदेश (“WTF”) इस बात का पुख्ता सुबूत है कि अमेरिका इस युद्ध को उस दिशा में जाते नहीं देखना चाहता जहाँ दुनिया को एक भयंकर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़े। इज़रायल का तर्क है कि ईरान इसी तेल की कमाई से अपने मिसाइल प्रोग्राम को चलाता है, इसलिए उसकी आर्थिक कमर तोड़ना ज़रूरी था। अब देखना यह है कि इज़रायल अपने इस आक्रामक रवैये पर कायम रहता है या अमेरिकी दबाव में अपनी रणनीति में बदलाव करता है।