डॉक्टर ने सरकारी क्वार्टर में फंदा लगाकर किया सुसाइड, वाट्सएप पर स्टेटस लगाया था- मरीज नहीं देखे जाएंगे
डॉक्टर ने सरकारी क्वार्टर में फंदा लगाकर किया सुसाइड, वाट्सएप पर स्टेटस लगाया था- मरीज नहीं देखे जाएंगे
अजमेर में मंगलवार को डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। डॉक्टर का शव केकड़ी जिला अस्पताल के क्वार्टर में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने लोगों की मदद से क्वार्टर का दरवाजा तोड़ा और शव को फंदे से उतारा। डॉक्टर ने सुबह 10:37 बजे वॉट्सएप पर आखिरी स्टेटस लगाया था। इसमें लिखा था- ‘मरीज नहीं देखे जाएंगे, अनावश्यक कॉल न करें।’ डॉक्टर की ड्यूटी पिछले एक साल से जिला हॉस्पिटल में थी। वे चर्म (स्किन) रोग विशेषज्ञ थे। उनकी पत्नी दिल्ली एम्स में प्रोफेसर हैं। जिला हॉस्पिटल के पीएमओ नवीन जांगिड़ ने बताया- टोंक में देवली के राजकोट निवासी डॉ. अशोक कुमार मीणा (35) की मंगलवार को दोपहर 2 बजे से ड्यूटी थी। वे दोपहर 2:30 बजे तक हॉस्पिटल नहीं पहुंचे। सोमवार को उनकी तबीयत खराब थी, जिसके कारण वे छुट्टी पर थे। इसलिए मैंने और अन्य स्टाफ ने आज दोपहर उन्हें कॉल किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके करीब 15 मिनट बाद 3-4 कर्मचारियों को अस्पताल के पीछे मौजूद उनके सरकारी क्वार्टर पर भेजा। कर्मचारियों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इस दौरान एक कर्मचारी ने खिड़की की दरार से देखा तो डॉ. मीणा का शव फंदे पर लटका हुआ था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के आने पर क्वार्टर का दरवाजा तोड़ा गया। पुलिस ने लोगों की मदद से शव को उतारा और हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शव रखवाया।