Cyber Scam: 8वें वेतन आयोग के नाम पर सरकारी कर्मचारियों से हो रही ठगी, जानें गृह मंत्रालय द्वारा जारी चेतावनी
Cyber Scam: 8वें वेतन आयोग के नाम पर सरकारी कर्मचारियों से हो रही ठगी, जानें गृह मंत्रालय द्वारा जारी चेतावनी
Cyber Scam: 7वें वेतन आयोग को लागू हुए करीब दस वर्ष हो चुके हैं और 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज है। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की है, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनरों में संभावित वेतन वृद्धि को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। इसी माहौल का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं।
8वें वेतन आयोग के नाम पर ठगी:-
सरकारी कर्मचारियों को व्हाट्सएप पर संदेश भेजे जा रहे हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि 8वें वेतन आयोग के बाद संशोधित वेतन की गणना जानने के लिए एक लिंक से एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करें। जैसे ही यह फाइल इंस्टॉल होती है, मोबाइल में मैलवेयर सक्रिय होकर ओटीपी, बैंकिंग डिटेल्स और पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बना लेता है। कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से रकम साफ हो जाती है।
Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने ‘साइबर दोस्त’ पहल के तहत इस तरह के व्हाट्सएप एपीके स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया है। स्पष्ट किया गया है कि वेतन संशोधन, पेंशन या वेतन आयोग से जुड़ी कोई भी आधिकारिक सूचना एपीके फाइल के जरिए साझा नहीं की जाती।
ऐसे काम करता है ठगी का तरीका:-
- वेतन बढ़ोतरी का झांसा देकर एपीके फाइल डाउनलोड करने को कहा जाता है।
- इंस्टॉल होते ही डिवाइस का कंट्रोल ठगों के हाथ में चला जाता है।
- ओटीपी ऑटो-रीड कर बैंकिंग ट्रांजेक्शन कर लिए जाते हैं।
क्या करें, क्या न करें
- संदिग्ध मैसेज, ईमेल या कॉल को नजरअंदाज करें।
- अनजान स्रोत से एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
- वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी केवल अधिकृत सरकारी वेबसाइट से ही जांचें।
ठगी से बचाव के 5 जरूरी नियम
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- मोबाइल में ‘अननोन सोर्स’ विकल्प बंद रखें।
- बैंकिंग ओटीपी और पासवर्ड किसी से साझा न करें।
- एंटीवायरस अपडेट रखें।
- ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
APK फाइल क्या है?
एपीके (Android Package Kit) एंड्रॉयड ऐप इंस्टॉल करने की फाइल होती है। आमतौर पर ऐप्स सुरक्षित रूप से गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किए जाते हैं। थर्ड पार्टी एपीके इंस्टॉल करने के लिए ‘अननोन सोर्स’ चालू करना पड़ता है, जिससे मैलवेयर का खतरा बढ़ जाता है।
ठगी के दो उदाहरण
- एक कर्मचारी ने वेतन वृद्धि का मैसेज पाकर एपीके इंस्टॉल किया, जिसके बाद खाते से 48 हजार रुपए निकल गए।
- एक पेंशनर ने एरियर के लालच में लिंक खोला और अगले दिन 22 हजार रुपए गायब मिले।
राजस्थान के कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने अपील की है कि कर्मचारी और पेंशनर केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और किसी भी संदिग्ध लिंक से दूर रहें। विशेष रूप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों से कहा गया है कि वे किसी भी डिजिटल लिंक पर क्लिक करने से पहले परिवार या जानकार से सलाह अवश्य लें।