Cyber Fraud: राजस्थान पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा, विदेश से संचालित 5378 सिमों के जरिए 32 राज्यों में 1100 करोड़ की साइबर ठगी

Cyber Fraud: राजस्थान पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा, विदेश से संचालित 5378 सिमों के जरिए 32 राज्यों में 1100 करोड़ की साइबर ठगी

जोधपुर। कंबोडिया में सक्रिय साइबर ठग भारत और राजस्थान की मोबाइल सिमों का इस्तेमाल कर निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर की जांच में गैंग के छह सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि मलेशिया में मौजूद छह मुख्य सरगनों को पकड़ने के लिए लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया है।

पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि साइबर ठगी की लगातार शिकायतों की जांच क्राइम स्पेशल टीम (सीएसटी) के हेड कांस्टेबल रामदयाल कर रहे हैं। जांच में पता चला कि ठग व्हाट्सऐप के जरिए पीड़ितों से संपर्क कर रहे थे और सिमों का रिचार्ज भी भारत से करवा रहे थे।

सांगरिया, नागौर, अजमेर, मकराना और लुधियाना के सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया गया। ये सिम पीओएस के जरिए प्राप्त की जाती थीं और एक से अधिक बार फिंगरप्रिंट व फोटो स्कैन करवाकर विदेशी सरगनों तक पहुंचाई जाती थीं।

जांच में सामने आया कि कंबोडिया में लगभग 36 हजार भारतीय सिमें चल रही हैं, जिनमें से 5,378 सिमें साइबर ठगी में उपयोग की गईं। इन सिमों से देशभर में अब तक 1,102 करोड़ रुपये की ठगी हो चुकी है। केवल मुराद खान की फर्जी सिम से तेलंगाना में एक व्यक्ति से 89.42 लाख रुपये की ठगी हुई।

पुलिस की आगे की रणनीति:

  • कंबोडिया में 5,000 सिमें बंद कर कॉल सेंटर और व्हाट्सऐप ब्लॉक कराया जाएगा।
  • विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
  • संबंधित राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियों के साथ समन्वय कर फर्जी सिम भेजने वालों पर कार्रवाई।
  • आई4सी से समन्वय कर गिरोह तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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