Cyber Crime :फर्जी पहचान बनाकर सोशल मीडिया पर लोगों को ठगने वाले संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश, सात आरोपी गिरफ्तार

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Cyber Crime : सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को झांसे में लेना, भरोसा जीतकर ऑनलाइन पेमेंट के जरिए पैसे ठगना और फिर फरार हो जाना—ऐसे संगठित साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत कामां थाना पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह फर्जी अकाउंट और डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए बड़े स्तर पर ठगी को अंजाम दे रहा था, जिसमें करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।

डीग पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर मिली शिकायत और मुखबिर की सूचना के आधार पर कामां रोड स्थित पहाड़ी इलाके में दबिश दी गई। यहां से गिरोह के 7 सदस्यों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी 18 से 29 वर्ष के बीच के हैं और अलग-अलग जिलों व राज्यों से आकर इस नेटवर्क में शामिल हुए थे।

गिरफ्तार आरोपियों में मथुरा जिले के जावली गांव निवासी आसिफ, रोहित और फैसल इकबाल, डीग जिले के करसपुर निवासी जितेंद्र जाटव, सवाना के साजिद हुसैन, विलोंच के साबिर खान और नगला भूरावास के परवेज शामिल हैं। सभी आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को निशाना बनाते थे।

ऐसे देते थे ठगी को अंजाम:-

जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी करते थे—

  • सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर संपर्क करना
  • खुद को आर्मी अधिकारी या भरोसेमंद व्यक्ति बताना
  • सस्ते दाम में सामान बेचने का लालच देना
  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के नाम पर एडवांस पेमेंट लेना
  • क्यूआर कोड, स्कैनर और यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर कराना
  • महिलाओं को अश्लील वीडियो भेजकर ब्लैकमेल करना

तकनीक से बचते थे पकड़ से:-

आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी जीमेल आईडी, WhatsApp, Instagram और Facebook अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल में हॉटस्पॉट के जरिए इंटरनेट शेयर कर ट्रैकिंग से बचने की कोशिश करते थे।

ठगी से हासिल रकम को फर्जी बैंक खातों में जमा कराया जाता था और उसी पैसे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड व अन्य संसाधन खरीदकर नेटवर्क को और मजबूत किया जाता था। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ थाना कामां में मामला दर्ज कर भारतीय दंड संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में जांच शुरू कर दी गई है।

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