सावधान! गैस बुकिंग के नाम पर ठगी का नया खेल, एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

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जयपुर: एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत की अफवाहों के बीच साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है। केरल पुलिस ने इसे लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। “गैस बुकिंग अपडेट” या “बिल पेंडिंग” के नाम पर व्हाट्सएप पर भेजी जा रही APK फाइल बेहद खतरनाक बताई गई है। जैसे ही कोई इसे इंस्टॉल करता है, ठग मोबाइल का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर बैंक खाते से पैसे उड़ा लेते हैं।

साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, रोजमर्रा की जरूरत वाली गैस सेवा को निशाना बनाकर ठग आसानी से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। केरल पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है—“एक क्लिक आपकी जिंदगी बदल सकता है।”

राजस्थान में भी अलर्ट जारी:-

इसी तरह राजस्थान पुलिस ने भी लोगों को सावधान किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। अफवाहों पर ध्यान न देने और बिना पुष्टि जानकारी शेयर न करने की अपील की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है।

APK इंस्टॉल करते ही फोन हो जाता है हैक:-

केरल पुलिस साइबर सेल के मुताबिक, ठग पहले SMS या व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं—“आपका गैस बिल अपडेट करें” या “बुकिंग अधूरी है, तुरंत एक्शन लें।” इसके बाद “Gas Bill Update APK” या “LPG Booking Urgent” नाम की फाइल भेजी जाती है। जैसे ही यूजर इसे डाउनलोड कर इंस्टॉल करता है, मैलवेयर फोन में प्रवेश कर जाता है और ठग बैंकिंग ऐप, UPI डिटेल, पासवर्ड व OTP तक पहुंच बना लेता है। कुछ ही समय में खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।

“अर्जेंट बुकिंग” के नाम पर जाल:-

पुलिस का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते गैस सप्लाई प्रभावित होने की अफवाहों का फायदा उठाकर ठग “अर्जेंट बुकिंग” का लालच दे रहे हैं। देश के कई राज्यों की पुलिस भी इस तरह के साइबर फ्रॉड को लेकर अलर्ट जारी कर चुकी है। नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर ऐसे मामलों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।

ऐसे रहें सुरक्षित:-

  • अनजान लिंक या APK फाइल कभी भी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
  • गैस बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही करें।
  • OTP, UPI PIN या बैंक डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
  • किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा करने से पहले अपने गैस एजेंसी से पुष्टि करें।
  • ठगी होने पर तुरंत बैंक से संपर्क कर अकाउंट ब्लॉक कराएं और 1930 पर कॉल करें या cybercrime पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।